आगरा के प्रसिद्ध अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. के. के. प्रूथी का निधन

आगरा। शहर के विख्यात अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. केके प्रूथी का निधन हो गया है। डॊ. प्रूथी उत्तर प्रदेश में ऑर्थोपेडिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक प्रमुख नाम थे और उन्होंने चिकित्सा शिक्षा, संगठनात्मक नेतृत्व और सामाजिक सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

May 2, 2025 - 12:56
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आगरा के प्रसिद्ध अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. के. के. प्रूथी का निधन

शिक्षा और करियर

डॉ. के. के. प्रूथी ने एस. एन. मेडिकल कॉलेज, आगरा से एमबीबीएस और एमएस (जनरल सर्जरी) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद, उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर से प्रोफेसर ए. के. गुप्ता के मार्गदर्शन में एमएस (ऑर्थोपेडिक्स) किया। उन्होंने 1968 में एस. एन. मेडिकल कॉलेज, आगरा में ऑर्थोपेडिक्स विभाग में लेक्चरर के रूप में कार्यभार संभाला और 1983 में विभागाध्यक्ष बने। सेवानिवृत्ति के बाद, वे प्रोफेसर एमेरिटस के रूप में कार्यरत रहे। 

उपलब्धियां और सम्मान

डॊ. प्रूथी के नाम ढेरों उपलब्धियां दर्ज हैं। 1972 में आपने जे एंड जे फेलोशिप प्राप्त की। 1978 में आपको एए मेहता गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। 1989 में अमेरिका में फॉरेन फेलोशिप अवार्ड प्रदान किया गया। 1990 में आपने एफएनएएमएस की उपाधि प्राप्त की। 1991 में आप डॉ. बी. सी. रॉय राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किये गये। 2001 में आपको उत्तर प्रदेश रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया। 

संगठनात्मक योगदान

डॉ. प्रूथी ने भारतीय ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन को एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया से एक स्वतंत्र इकाई के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी पहल पर 1977 में आईओए के उत्तर प्रदेश चैप्टर और 1979 में आगरा ऑर्थोपेडिक सोसाइटी की स्थापना हुई। उन्होंने 1986 में उत्तर प्रदेश ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के अध्यक्ष और 1997 में आईओए के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। 

सामाजिक सेवा

एसएन मेडिकल कॊलेज से सेवानिवृत्ति के बाद, डॉ. प्रूथी ने पोलियो और सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चों के लिए नि:शुल्क शल्य चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया। उनकी इस सेवा के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2001 में विकलांगों के लिए सेवाओं के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। वे आगरा और उत्तर प्रदेश के कई गैर-सरकारी संगठनों से भी जुड़े रहे।