यमुना तट पर संस्कृति और सरोकार: गंगा दशहरा व पर्यावरण दिवस पर आस्था और संरक्षण का संगम
आगरा। गंगा दशहरा और विश्व पर्यावरण दिवस के संयुक्त अवसर पर आगरा नगर निगम व रिवर कनेक्ट कैंपेन द्वारा यमुना आरती स्थल पर गुरुवार शाम भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम यमुना नदी के सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व को समर्पित था।
-यमुना के प्रति श्रद्धा और पर्यावरण के लिए जागरूकता का संकल्प लिया गया
नव निर्मित दशहरा कुंड में सामूहिक स्नान और आरती
रिवर कनेक्ट के सदस्यों ने यमुना की तलहटी में निर्मित दशहरा कुंड में सामूहिक स्नान किया। गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय ने भव्य फूल बंगले में यमुना मैया की आरती कराई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, डॉक्टरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने रचाई भक्ति और कला की छटा
कार्यक्रम में नृत्य ज्योति कथक संस्थान के बाल कलाकारों ने डॉ. ज्योति खंडेलवाल के निर्देशन में मोहक प्रस्तुति दी। वहीं, विशाल झा और डॉ. शिवानी पाठक के भजनों तथा डॉ. ए.के. भट्टाचार्य के तबला वादन ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
जल संरक्षण की दिशा में अभिनव प्रयोग: दशहरा कुंड
रिवर कनेक्ट कैंपेन के संयोजक ब्रज खंडेलवाल ने बताया कि यह कुंड यमुना की रेत को छानकर जलभराव की प्रक्रिया पर आधारित है। यह एक प्रयोग किया गया, जिसमें रेत से छनकर नीचे से यमुना जल स्वतः ही भर गया। इससे जल संग्रहण, मछली पालन व स्नान जैसी गतिविधियाँ संभव होंगी। भविष्य में ऐसे और कुंड बनाने की योजना है।
सामूहिक चेतना से ही नदियों का पुनर्जीवन संभव
यह आयोजन यमुना संरक्षण की दिशा में एक जागरूक पहल था, जो आस्था को पर्यावरणीय उत्तरदायित्व से जोड़ता है। नगर निगम और रिवर कनेक्ट जैसे संस्थान जनभागीदारी से यमुना को पुनर्जीवित करने में जुटे हैं।