पहलगाम नरसंहार को लेकर आगरा के शिक्षकों से लेकर नागरिकों तक में आक्रोश
आगरा। कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा किए गए निर्दोष नागरिकों के नरसंहार के विरोध में आगरा में विरोध जारी है। एक ओर जहां शिक्षकों ने कैंडल मार्च निकालकर आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाई, वहीं दूसरी ओर शहर की आवासीय सोसाइटी में रहने वाले नागरिकों ने मोमबत्ती जलाकर आतंक के खिलाफ विरोध दर्ज किया।
हर जगह एक ही स्वर था, "अब और नहीं, आतंकवाद का अंत होना चाहिए।
500 शिक्षण संस्थानों ने रखा अवकाश, शिक्षकों का कैंडल मार्च और मौन श्रद्धांजलि
आगरा प्रोग्रेसिव टीचर्स एसोसिएशन (आप्टा) के बैनर तले गुरुवार को संजय प्लेस से लेकर शहीद स्मारक तक कैंडल मार्च निकाला गया। आप्टा के संस्थापक और संयोजक सुनील उपाध्याय ने बताया कि संगठन से जुड़े लगभग 500 शिक्षण संस्थानों ने इस दिन अवकाश रखा और शाम को बड़ी संख्या में शिक्षक मार्च में शामिल हुए।
शहीद स्मारक पर मोमबत्तियाँ जलाकर और दो मिनट का मौन रखकर आतंक के शिकार हुए निर्दोषों को श्रद्धांजलि दी गई। अध्यक्ष डॉ. मोहित दीक्षित ने सरकार से अपील की कि आतंकियों को ऐसी सजा दी जाए कि उनकी अगली पीढ़ी भी कांपे। इस दौरान भारत माता की जय, पाकिस्तान मुर्दाबाद, आतंकवादियों को गोली मारो, जैसे स्लोगन गूंज रहे थे।
प्रमुख शिक्षकों में मुकेश मीरचंदानी, वैभव बंसल, राजकुमार गुप्ता, दीपक धनकानी, उमेश टीन्ना, नितिन मित्तल, पवन धनवानी, मनीष गोयल, नीरज शर्मा, अनिल रजवानी, संतोष गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
पारस पर्ल्स एक्सटेंशन, पारस पर्ल्स अपार्टमेंट के निवासियों और लीडर्स आगरा के सदस्यों ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। लोगों ने कैंडल जलाकर पीड़ितों के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की और देश की एकता एवं सुरक्षा के लिए संकल्प लिया।
इन आवासीय समूहों के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आश्वस्त किया कि देश का हर नागरिक उनके साथ खड़ा है और अब पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाने का वक्त आ गया है। श्रद्धांजलि सभा में प्रमुख रूप से सुनील जैन, आशीष जैन, सुनील बग्गा, विपुल वर्मा, रोहित गोयल, हरिकांत शर्मा, सुशील जैन, रोबिन जैन, सुशील सचदेवा, संदीप कुलश्रेष्ठ, नीरज जैन, अनिल जैन, जीतेंद्र गर्ग, अन्नू खंडेलवाल, रेनू अग्रवाल, शिखा जैन, शोभना जैन, भावना शर्मा, आरती कुलश्रेष्ठ, भावेश जैन, अखिल बैनाड़ा, बृजेन्द्र लोढ़ा आदि उपस्थित रहे।