पाकिस्तानी में जन्मी हूं पर मैं हिन्दुस्तानी हूं: बरेली में 64 साल से रह रही फरीदा पर जांच का शिकंजा
-आरके सिंह- बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन खोज’ के दौरान एक महिला पकड़ी गई है, जिसका जन्म पाकिस्तान में हुआ था, लेकिन वह बीते छह दशकों से अधिक समय से भारत में रह रही है। महिला का नाम फरहत सुल्ताना उर्फ फरीदा है, जो खुद को भारतीय बताती हैं, लेकिन उसके पास भारतीय नागरिकता के वैध दस्तावेज नहीं हैं। इस मामले में बरेली के बारादरी थाना में एफआईआर दर्ज की गई है और जांच शुरू कर दी गई है।
मैंने पाकिस्तान नहीं देखा, मेरी आंखें भारत में खुलीं: फरहत का भावुक बयान
पुलिस के सामने फरहत सुल्ताना ने अपना पक्ष रखते हुए कहा- मुझे पाकिस्तानी मत कहो। मैं हिन्दुस्तानी हूं। मेरा जन्म 1961 में पाकिस्तान में हुआ था, लेकिन मैं 8 महीने की उम्र में बरेली आ गई थी। मैंने पाकिस्तान को कभी देखा ही नहीं। पूरा जीवन भारत में बिताया है। यहीं पली-बढ़ी हूं। मैं अपने देश में ही रहना चाहती हूं।
फरहत का दावा है कि उन्होंने भारत में रहते हुए आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज भी बनवा लिए हैं, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता रहा।
ऑपरेशन खोज में खुली परतें
एसएसपी के निर्देश पर चल रहे ऑपरेशन खोज के तहत बरेली में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान की जा रही है। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि इस अभियान में पाकिस्तान, बांग्लादेश और रोहिंग्या समुदाय के लोगों की विशेष जांच की जा रही है।
गुरुवार को पुलिस टीम जब बारादरी थाना क्षेत्र के सूफी टोला में पहुंची, तो वहां फरहत सुल्ताना की पहचान हुई। जांच में सामने आया कि फरहत के पास भारतीय नागरिकता से जुड़े कोई कानूनी दस्तावेज नहीं हैं। इसके बावजूद उन्होंने आधार, राशन कार्ड जैसे दस्तावेज प्राप्त कर रखे हैं।
कानूनी नजरिए से गंभीर मामला
कानून के अनुसार, बिना वैध नागरिकता के इस तरह के दस्तावेज प्राप्त करना अपराध की श्रेणी में आता है। इस संबंध में विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
अब इस बात की जांच की जा रही है कि फरहत को यह दस्तावेज कैसे और किनकी मदद से जारी किए गए। प्रशासन यह भी देख रहा है कि उनके जरिए कोई सरकारी लाभ तो नहीं उठाया गया।