सांसद सुमन बोले- धमकियां मिल रही हैं, लोकतंत्र में अराजकता नहीं होनी चाहिए

आगरा। राणा सांगा पर की गई विवादित टिप्पणी को लेकर मचे बवाल के बीच समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने आज अपनी बात स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने भाषण में किसी भी धर्म का नाम नहीं लिया था, और राज्यसभा की पूरी कार्यवाही देखी जानी चाहिए। राज्यसभा के सभापति द्वारा उनके भाषण को कार्यवाही से हटा दिया गया था।

Apr 12, 2025 - 13:58
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सांसद सुमन बोले- धमकियां मिल रही हैं, लोकतंत्र में अराजकता नहीं होनी चाहिए

सांसद सुमन ने कहा कि, "कोई भी विचार पूर्ण नहीं होता। किसी बात से असहमति है तो संविधान और कानून के दायरे में रहकर विरोध करें। प्रदर्शन करें, धरना दें, कोर्ट जाएं, लेकिन अराजकता नहीं होनी चाहिए।"

उन्होंने कहा कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उनकी जान लेने के लिए 50 लाख रुपये का इनाम खुलेआम घोषित किया गया है। "कहा जा रहा है हड्डी तोड़ देंगे, नाक काट लेंगे, जान ले लेंगे। यह लोकतंत्र की सेहत के लिए ठीक नहीं है। यह सामंती मानसिकता है।"

राजनीतिक घटनाओं का हवाला

रामजीलाल सुमन ने कहा कि समाज में सामंती मानसिकता अभी भी मौजूद है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष के मंदिर जाने पर मंदिर को धोया गया। अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री आवास छोड़ा तो गंगाजल से शुद्धिकरण किया गया।

उन्होंने भाजपा के लोगों से सवाल किया कि जब संसद ने 1991 में एक कानून बना दिया कि 15 अगस्त 1947 से पहले जो धार्मिक स्थल था वो वही रहेगा, तो बार-बार गड़े मुर्दे क्यों उखाड़े जा रहे हैं? उन्होंने कहा कि धर्मस्थलों की ज्यादा खुदाई करोगे तो बौद्ध मठ निकलेंगे। बौद्ध अवशेष मिलेंगे।

सुरक्षा को लेकर चिंता

सांसद ने बताया कि उन्हें गंभीर जानलेवा खतरे की आशंका है। उन्होंने इसके लिए उपराष्ट्रपति, डीजीपी, और गृह सचिव से सुरक्षा की मांग की, लेकिन सुरक्षा न मिलने पर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने कहा, "कोई सिरफिरा कुछ भी कर सकता है। पुलिस को भी जानकारी है कि मेरी जान को खतरा है। अब पुलिस ने सुरक्षा की व्यवस्था की है।"

SP_Singh AURGURU Editor