व्यापारियों को सामाजिक सुरक्षा और जीएसटी दरों में कमी के लिए जीएसटी कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन
आगरा। आगरा व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने जीएसटी कार्यालय, जयपुर हाउस पहुंचकर जीएसटी कमिश्नर ग्रेड 1 मारुति शरण चौबे को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में व्यापारियों के सामाजिक सुरक्षा, जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने और जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों को राहत देने की मांग की गई। ज्ञापन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम भी सौंपा गया, जिसमें व्यापारी समुदाय को कर प्रणाली से संबंधित समस्याओं के समाधान की अपील की गई।
आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी के लागू होने के बाद से व्यापारियों ने ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कर भुगतान में योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जीएसटी कर संग्रह 2 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है, जो व्यापारियों के समर्पण और योगदान का प्रतीक है।
व्यापार मंडल ने 6 सूत्रीय ज्ञापन में मांग की है कि जीएसटी दरों में कमी की जाए। सर्वे और छापों की प्रक्रिया को स्थगित किया जाए। छोटे कर निर्धारण नोटिस मामलों को सरल किया जाए। जीएसटी पंजीकृत विक्रेता से टैक्स न जमा करने पर खरीदार की आइटीसी को न रोका जाए। जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों द्वारा खरीदी गई वस्तु का भुगतान न करने पर सख्त कार्रवाई की जाए। जीएसटी फैसिलिटेशन काउंसिल का गठन किया जाए और सजा का प्रावधान किया जाए।
इसके साथ ही व्यापारियों ने जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों को आयुष्मान कार्ड के तहत 10 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा देने की मांग की। इसके अलावा सराफा बुलियन पर कर को 3% से घटाकर 1% करने और ऑटो स्पेयर पार्ट्स एवं डीजल इंजन पार्ट्स पर राहत देने की भी अपील की गई।
जीएसटी कमिश्नर ग्रेड 1 मारुति शरण चौबे ने आश्वासन दिया कि व्यापारी समुदाय की समस्याओं को वित्त मंत्री तक पहुंचाया जाएगा और अपने स्तर से भी व्यापारियों के हित में कदम उठाए जाएंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल, महामंत्री अशोक मंगवानी, संगठन महामंत्री राकेश बंसल, कोषाध्यक्ष नितेश अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जय पुरुसनानी, उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल, मंत्री राजीव गुप्ता, धीरज वर्मा, राकेश बंसल, दुष्यंत गर्ग, राकेश सिंघल, साहूकार चाहर, मुकेश अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल और अन्य व्यापारी पदाधिकारी शामिल रहे।