आर्य समाज मंदिर का नव निर्माण पूर्ण: वेद मार्ग से ही समाज में आएगी एकता

आगरा। आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती ने समाज को अंधविश्वास, पाखंड और सामाजिक विघटन से निकालकर वेदों के सत्य ज्ञान की ओर अग्रसर करने का जो मार्ग दिखाया, वही आज भी प्रासंगिक है। यह विचार मथुरा से पधारे वैदिक विद्वान आचार्य स्वदेश ने शाहगंज स्थित बालाजीपुरम में आर्य समाज मंदिर के नव-निर्मित भवन के लोकार्पण के अवसर पर व्यक्त किए।

Jun 2, 2025 - 22:54
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आर्य समाज मंदिर का नव निर्माण पूर्ण: वेद मार्ग से ही समाज में आएगी एकता
शाहगंज के बालाजीपुरम स्थित आर्य समाज मंदिर के नव निर्मित भवन के लोकार्पण समारोह में मौजूद वैदिक आचार्य स्वदेश व अन्य विद्वतजन। दूसरे चित्र में मौजूद गणमान्य लोग।

-स्वामी दयानंद के विचारों से दूर होगा अंधविश्वास: आचार्य स्वदेश

उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद ने राष्ट्र को स्वदेश, स्वभाषा, स्वधर्म और स्वसंस्कृति पर गर्व करना सिखाया। वीर सावरकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने उन्हें आधुनिक भारत का निर्माता कहा था। समारोह की शुरुआत चारों वेदों के मंत्रोच्चारण के साथ महायज्ञ से हुई, जिसमें वैदिक मंत्रों की आहुति देकर ईश्वर से राष्ट्र और समाज के कल्याण की प्रार्थना की गई।

वेद मार्ग ही समाधान-वैदिक प्रवक्ता

वैदिक प्रवक्ता उमेश चंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि वेद को मानना ईश्वर की आज्ञा का पालन करना है। यदि मानव समाज स्वामी दयानंद द्वारा बताए गए सिद्धांतों को अपनाए तो समाज में जातिवाद, भेदभाव और अहंकार स्वतः समाप्त हो जाएगा।

भजनों से जागृत हुए आर्यजन

कार्यक्रम में विकास आर्य और वंदना आर्या ने अपने ओजस्वी वैदिक भजनों से वातावरण को धर्ममय बना दिया। आर्य अश्वनी ने मंच संचालन किया और प्रदीप कुलश्रेष्ठ ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

आर्य समाज के नव भवन में आधुनिक सुविधाएं

नव-निर्मित भवन को आर्यजनों ने आधुनिक सुविधाओं से युक्त और वैदिक संस्कृति का संवाहक बताया। भवन का निर्माण समाज को संगठित करने और वैदिक आदर्शों को प्रसारित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

इनकी उपस्थिति खास रही

इस अवसर पर प्रधान सुभाष अग्रवाल, सुधीर अग्रवाल, आर्य भुवनेश कुलश्रेष्ठ, सीए मनोज खुराना, अर्जुन देव महाजन, प्रदीप कुलश्रेष्ठ, राजीव दीक्षित, अवनींद्र गुप्ता, विजय चौहान, अनुज आर्य, सुमन कुलश्रेष्ठ, सरिता अरोरा, मालती माहेश्वरी, सत्य प्रकाश वर्मा, यज्ञदत्त आर्य, प्रताप सिंह सिसोदिया, आरती पचौरी समेत अनेक आर्य अनुयायी उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor