आत्मदाह की धमकी और हंगामे के बाद पुलिस ने 26 वें दिन दर्ज की एफआईआर
आगरा। अपने साथ मारपीट और जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने की पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए एक युवती को 25 दिन तक थाना और पुलिस चौकी के चक्कर काटने पड़ गए। इस दौरान उसे एक पुलिसकर्मी ने भी जाति सूचक शब्दों से जलील किया।
जब मामले में एक सामाजिक कार्यकर्ता ने युवती के साथ थाने पर पहुंचकर हंगामा काटा, तब जाकर पुलिस ने घटना के 26 वें दिन युवती की एफआईआर दर्ज की।
ताल सेमरी, देवरी रोड निवासी गुड़िया कुमारी का कहना है कि वह खेड़ा पंचगाई स्थित लम्बरदार मार्केट में स्थित शिल्पा चौधरी के ब्यूटी पार्लर पर काम करती है। 31 जनवरी की शाम को वह अपने मंगेतर अवधेश के साथ सेमरी चौराहा स्थित मुल्ला जी के ढाबा पर खाना खा रही थी। इसी दौरान शिल्पा चौधरी, सोनू उर्फ कृष्णा और सलीम उसके पास आए और गालियां देने लगे। गुड़िया का आरोप है कि सोनू और सलीम ने उसे लात-घूसों से मारा भी।
गुड़िया का आरोप है कि मारपीट करते हुए इन लोगों ने जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने के साथ जान से मारने की धमकी दी। इस मामले की रिपोर्ट कराने के लिए रात 9 बजे थाने गईं। लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। वह रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने के चक्कर काटती रही पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई।
युवती का आरोप है कि दीपक नामक सिपाही ने रिपोर्ट दर्ज कराने को दस हज़ार रुपये की मांग की और पैसे न देने पर जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया। गुड़िया ने पांच फरवरी को मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखा और उसे अधिकारियों को भी सौंपा। इसके बावजूद सुनवाई नहीं हुई।
आज समाजसेवी अवतार सिंह गिल अपने साथियों को लेकर युवती के साथ थाना ताजगंज पहुंचे। युवती ने आत्मदाह की चेतावनी और साथ गए लोगों द्वारा हंगामा काटने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। पुलिस अब मामले की छानबीन में जुट गई है।