भीषण गर्मी में राहत: वाइल्डलाइफ एसओएस ने हाथियों और भालुओं के लिए शुरू किए कूलिंग प्रोटोकॉल

आगरा/मथुरा। उत्तर भारत की भीषण गर्मी का असर अब वन्यजीवों पर भी साफ़ दिखने लगा है। ऐसे में वाइल्डलाइफ एसओएस ने अपने आगरा और मथुरा केंद्रों पर संरक्षित हाथियों और भालुओं के लिए ग्रीष्मकालीन कूलिंग प्रोटोकॉल फिर से सक्रिय कर दिए हैं। यह प्रोटोकॉल जानवरों को हाइड्रेट रखने, गर्मी से राहत देने और मानसिक-शारीरिक कल्याण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं।

Jun 10, 2025 - 14:44
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भीषण गर्मी में राहत: वाइल्डलाइफ एसओएस ने हाथियों और भालुओं के लिए शुरू किए कूलिंग प्रोटोकॉल
वाइल्डलाइफ एसओएस के आगरा और मथुरा स्थित संरक्षण केंद्रों पर हाथियों और भालुओं को गर्मी से बचाव के लिए किये जा रहे उपायों की एक झलक।

-आगरा-मथुरा केंद्रों पर विशेष देखभाल, ओआरएस से लेकर आइस ट्रीट तक किए जा रहे उपाय

आगरा में भालुओं को कोल्ड ट्रीटमेंट

आगरा भालू संरक्षण केंद्र में भालुओं को तरबूज, खीरा, और आइस पॉप्सिकल्स दिए जा रहे हैं। इसके अलावा बाड़ों में कूलर और स्प्रिंकलर सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे जानवरों को दिन भर ठंडक मिल सके। भालुओं के लिए बनाए गए वाटर पूल्स उन्हें राहत देने का जरिया बन गए हैं। निर्जलीकरण से बचाने के लिए नियमित रूप से ओआरएस सोल्यूशन भी दिया जा रहा है।

मथुरा में हाथियों के लिए विशेष व्यवस्था

हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र (ईसीसीसी), मथुरा में गर्मी के मौसम को देखते हुए हाथियों को सुबह और शाम की सैर पर ले जाया जा रहा है, ताकि वे दोपहर की तपिश से बच सकें। स्प्रिंकलर, ठंडे जल से भरे पूल्स, और दिन में कई बार पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। मिट्टी के गड्ढे और छायादार संरचनाएं शरीर के तापमान को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने में सहायक बन रही हैं।

निरंतर निगरानी ताकि खतरा न बढ़े

वाइल्डलाइफ एसओएस के सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, गर्मी जानवरों के लिए उतनी ही चुनौतीपूर्ण होती है जितनी इंसानों के लिए। हमारा प्रयास है कि हर जानवर को सुरक्षित, हाइड्रेटेड और खुश रखा जाए।

सह-संस्थापक गीता शेषमणि ने कहा कि ये उपाय सिर्फ शारीरिक राहत के लिए नहीं हैं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक कल्याण भी सुनिश्चित करते हैं।

पशु चिकित्सा उप-निदेशक डॉ. इलियाराजा ने बताया कि ओआरएस सप्लीमेंट, कूलिंग स्ट्रक्चर और डायट एडजस्टमेंट जैसे चिकित्सा उपाय तुरंत असर दिखाते हैं। हम हर पल निगरानी करते हैं ताकि कोई खतरा न बढ़े।

SP_Singh AURGURU Editor