मगरमच्छ निवाला नहीं बना पाया, चार घंटे की खोज के बाद चंबल से शिरोमणि का शव ही बाहर आया

आगरा। आगरा के खेड़ा राठौर थाना क्षेत्र के भगवानपुरा गांव में शनिवार को दिल दहला देने वाली घटना घटी। पशुओं को पानी पिलाने चंबल नदी गई जिस 60 वर्षीय महिला शिरोमणि को मगरमच्छ पानी में खींच ले गया था, उसका शव बरामद कर लिया गया है। गोताखोरों ने चार घंटे के अथक प्रयासों के बाद शिरोमणि को तो तलाश लिया, लेकिन तब तक उसके प्राण पखेरू उड़ चुके थे। हालांकि मगरमच्छ इस महिला को अपना निवाला नहीं बना पाया।

Jun 14, 2025 - 18:43
Jun 14, 2025 - 18:45
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मगरमच्छ निवाला नहीं बना पाया, चार घंटे की खोज के बाद चंबल से शिरोमणि का शव ही बाहर आया
खेड़ा राठौर के भगवानपुरा गांव में चार घंटे के बाद चंबल से निकाला गया शिरोमणि का शव। चंबल घाट पर जुटी भीड़ और सर्च ऑपरेशन में लगे गोताखोर।  

शिरोमणि पशुओं को पानी पिलाते समय जब नदी के पास खड़ी थी, तभी मगरमच्छ ने झपट्टा मारा और उसे खींचकर चंबल की गहराइयों में ले गया। देखते ही देखते शिरोमणि आंखों से ओझल हो गई।

चीख पुकार मची तो दौड़े ग्रामीण

साथ में मौजूद अन्य महिला चरवाहों की चीख-पुकार सुनकर गांव से ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे और नदी में उतरकर सर्च शुरू कर दी। गांव के प्रधान बच्छराज सिंह ने पुलिस और वन विभाग को घटना की जानकारी दी। तुरंत ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।

चार घंटे की मशक्कत के बाद नदी से निकाला गया शव

वन विभाग और पुलिस की निगरानी में गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से चंबल नदी में जाल डालकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब चार घंटे बाद, चंबल की गहराई से महिला का शव बाहर निकाला गया। मगरमच्छ के हमले से महिला के शरीर पर गहरे घाव मिले हैं। शव को देखकर वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। माना जा रहा है कि तमाम गोताखोरों के नदी में उतरने की वजह से ही मगरमच्छ शिरोमणि को निवाला नहीं बना पाया। हालांकि उसके शरीर के घाव बता रहे हैं कि मगरमच्छ ने उस पर घातक प्रहार किया। 

गांव में पसरा मातम, परिजन बेसुध

शिरोमणि की मौत से गांव में शोक की लहर फैल गई है। परिजन बेसुध हैं और बार-बार यही कह रहे हैं कि वो तो सिर्फ जानवरों को पानी पिलाने गई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और वन विभाग ने मगरमच्छों की गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी है।

SP_Singh AURGURU Editor