आगरा कॉलेज नाम में ही तो बसी है इस संस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान
आगरा। उत्तर भारत के सबसे पुराने शैक्षणिक संस्थानों में शुमार आगरा कॉलेज का नाम बदलने के प्रस्ताव पर शिक्षकों ने तीखा विरोध जताया है। कॉलेज के स्टाफ क्लब की ओर से शिक्षकों ने एकजुट होकर विरोध ज्ञापन तैयार किया और कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर सी.के. गौतम को सौंपते हुए शासन तक अपनी भावनाएं पहुंचाने का अनुरोध किया। औटा ने भी आगरा कॊलेज का नाम बदलने के किसी भी प्रस्ताव का विरोध किया है। कॊलेज के पुरातन और वर्तमान छात्र भी कॊलेज के नाम में किसी भी प्रकार के बदलाव के खिलाफ हैं।
-नाम बदलने के प्रस्ताव पर कॊलेज शिक्षक भड़के, यह कतई स्वीकार नहीं होगा, औटा और छात्रों ने भी जताया विरोध
ज्ञातव्य है कि कल आगरा में लोकमाता अहिल्याबाई की 300वीं जयंती पर जीआईसी ग्राउंड में बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है। इस विशेष मौके पर ही मुख्यमंत्री के स्तर से आगरा कॊलेज का नाम लोकमाता अहिल्याबाई के नाम पर किये जाने की चर्चा है। इस आशय का प्रस्ताव केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल की ओर से बढ़ाया गया है। कल मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में भाग लेने आ रहे हैं।
कॊलेज का नाम बदलने के प्रस्ताव की जानकारी होते ही विरोध के स्वर उठने लगे। सबसे पहले कॊलेज का स्टाफ क्लब आगे आया और फिर औटा ने भी कॊलेज प्रिंसिपल सीके गौतम को ज्ञापन दिया। कॊलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह, उपाध्यक्ष एवं डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी, शासन में बैठे उच्च अधिकारियों तक विरोध के स्वर पहुंच चुके हैं। अब देखना यह है कि कल सीएम योगी आगरा कॊलेज का नाम बदलने की घोषणा करते हैं या नहीं।
1823 से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहर से छेड़छाड़ नहीं बर्दाश्त
आगरा कॊलेज स्टाफ क्लब के ज्ञापन में कहा गया है कि आगरा कॉलेज मात्र एक नाम नहीं, बल्कि आगरा की ऐतिहासिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक है। वर्ष 1823 में स्थापित इस संस्थान का स्वतंत्रता संग्राम, समाज सुधार और आधुनिक शिक्षा आंदोलनों से गहरा नाता रहा है। शिक्षक समुदाय ने इस नाम परिवर्तन को अनुचित, अव्यावहारिक और संस्थान की विरासत के विरुद्ध बताया।
शासन को भावनाएं पहुंचाने की अपील
शिक्षकों ने प्राचार्य से अनुरोध किया कि वे इस विषय को मंडलायुक्त एवं प्रबंध समिति के अध्यक्ष के माध्यम से शासन स्तर तक पहुंचाएं, ताकि शिक्षक समुदाय की भावनाएं उचित स्तर तक दर्ज हो सकें।
ज्ञापन सौंपने में ये शिक्षक रहे शामिल
इस विरोध ज्ञापन को सौंपने में प्रोफेसर विजय कुमार सिंह (सचिव, स्टाफ क्लब), डॉ. आनंद प्रताप सिंह, डॉ. भूपेंद्र कुमार चिकारा, डॉ. पी.बी. झा (उपप्राचार्य), प्रो. भूपाल सिंह, प्रो. विक्रम सिंह, डॉ. रंजीत सिंह, अविनाश जैन, सत्यदेव शर्मा, धर्मवीर सिंह, डॉ. केशव सिंह और डॉ. सोनल सिंह सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।
तत्काल प्रस्ताव वापसी की मांग
शिक्षकों ने दो टूक कहा कि आगरा कॉलेज का नाम बदलने का प्रस्ताव ऐतिहासिक विरासत और स्थानीय अस्मिता पर सीधा प्रहार है। उन्होंने इस प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है।