यमुना का घटा जलस्तर कल तक और कम होगा, फिलहाल कोई खतरा नहीं
आगरा। वर्षों बाद यमुना नदी में आए उफान के बाद अब पानी उतरना शुरू हो गया है। लो फ्लड लेवल से ऊपर बह रही यमुना का जलस्तर लगभग दो फीट घट चुका है। गोकुल बैराज से पहले छोड़े गये डेढ़ लाख क्यूसेक से अधिक पानी के आगरा पहुंचने के बाद भी खतरे जैसी कोई स्थिति पैदा नहीं होगी क्योंकि यमुना के जलस्तर में लगातार गिरावट आ रही है। यह गिरावट कल भी जारी रहेगी। नदी के बढ़े जलस्तर ने तीर्थधाम बटेश्वर को बाढ़ जैसी स्थिति में ला खड़ा किया है। यमुना का जलस्तर अचानक बढ़ने से घाटों और मंदिरों तक पानी भर गया। खासकर मुख्य ब्रह्मलाल मंदिर में पानी घुस जाने से श्रद्धालु और स्थानीय लोग परेशान हैं।
जिला सूचना अधिकारी शैलेंद्न शर्मा ने बताया कि यमुना नदी में गोकुल बैराज से कोई नया वॉटर डिस्चार्ज नहीं किया गया है। यमुना का जलस्तर लगातार प्रति घंटे कम हो रहा है। आज 10.09.2025 को रात्रि 10 बजे सिंचाई विभाग द्वारा प्रदत्त सूचना के अनुसार वाटर लेवल घटकर 152.545 मीटर पर आ गया है। यमुना नदी के जल बहाव में लगातार कमी प्रदर्शित हो रही है
बटेश्वर घाट के मंदिरों के चारों ओर बाढ़ का पानी फैल गया है। मुख्य ब्रह्मलाल मंदिर के गर्भगृह तक पानी घुस आया है। लोग दर्शन-पूजन नहीं कर पा रहे हैं और चारों तरफ जलभराव का आलम है।
नदी का पानी तेजी से रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। कई घरों में पानी घुसने से खाने-पीने के सामान और अन्य जरूरी वस्तुओं का भारी नुकसान हुआ है। लोग अपना सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने बाढ़ को लेकर पहले कोई चेतावनी नहीं दी, जिससे नुकसान और बढ़ गया। अचानक आई बाढ़ से लोग संभल नहीं पाए। एक महिला ने रोते हुए बताया कि उसकी भैंस बाढ़ के पानी में फंस गई। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि अब तक प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं पहुँची है।