नकली आरसी, नंबर प्लेट और फर्जी मुकदमे के जरिए करते थे करोड़ों की ठगी
बरेली। बरेली पुलिस ने ट्रकों की चोरी का झूठा ड्रामा रचाकर फर्जी आरसी और नंबर प्लेट तैयार कर ट्रक बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में दो ट्रकों के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
-बरेली में ट्रकों की फर्जी चोरी दिखाकर बेचने वाला गैंग पकड़ा, ट्रक बरामद, पांच गिरफ्तार
गिरोह अब तक करोड़ों की ठगी कर चुका है।
पकड़े गए मुख्य आरोपी शाकिर उर्फ भूरा मास्टर पुत्र चाऊ खां निवासी मोहनपुर थाना कैंट और आरिफ पुत्र शब्बीर निवासी मजरिया थाना बहेड़ी को थाना आंवला क्षेत्र से चोरी किए गए दो ट्रकों के साथ गिरफ्तार किया गया। इनके पास से दो फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद हुई हैं।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गैंग के पूरे नेटवर्क का खुलासा
एसपी सिटी मानुष पारीक ने जानकारी दी कि पूछताछ में शाकिर की निशानदेही पर ट्रांसपोर्ट नगर बरेली स्थित सोहेल पुत्र इरफान अली की दुकान पर छापा मारा गया। मौके पर ट्रक के इंजन और चेसिस नंबर को घिसकर मिटाया जा रहा था, वहीं से सैफउद्दीन पुत्र अनीसउद्दीन निवासी रोहिली टोला थाना बारादरी और ईशाक अली पुत्र सूखा शाह निवासी पचदोरा दोरिया थाना भोजीपुरा को गिरफ्तार किया गया।
वॉट्सएप में मिली कई थानों के केस की जानकारियां
ईशाक अली के पास से थाना कैंट में दर्ज ट्रक चोरी से संबंधित केस की छायाप्रति और उसके मोबाइल से थाना फतेहगंज पूर्वी, अलीगंज, सिकंदराराऊ (हाथरस) आदि थानों से जुड़े फर्जी मुकदमों के दस्तावेज मिले। पुलिस ने दो ट्रकों की फर्जी नंबर प्लेट भी जब्त की हैं।
आरटीओ से मिलकर रचते थे फर्जीवाड़े का जाल
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उनका पूरा गिरोह वर्षों से ट्रक चोरी, फाइनेंस ट्रक पर फर्जी मुकदमे, और फर्जी कागजात तैयार कर ट्रकों को बेचने के काम में लिप्त हैं। वे ट्रक मालिकों को लालच देकर या खुद ही ड्राइवर बनाकर, कोर्ट में झूठा मुकदमा लिखवाते और फिर फाइनेंस कंपनी से क्लेम लेकर आधा-आधा पैसा बांट लेते थे। यदि ट्रक पुराना होता तो उसे कबाड़ी को बेच देते, और नया या अच्छा ट्रक होने पर आरटीओ से सेटिंग कर फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर बनवाकर उसे अच्छे दामों में बेचते।
गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजा गया
गिरफ्तार किये गये अभियुक्तों के नाम शाकिर उर्फ भूरा मास्टर, आरिफ, सोहेल, सैफउद्दीन ईशाक अली हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। पुलिस अब गैंग के बाकी सदस्यों की तलाश में जुट गई है।