हम बने तुम बने, एक दूजे के लिए...,रामलाल वृद्धाश्रम में बनी एक जोड़ी
आगरा। शहर का रामलाल वृद्ध आश्रम उन बुजुर्गों का सहारा बनता है जो अपनों द्वारा ठुकरा दिए जाते हैं। अपनों के ठुकराने का दर्द ये बुजुर्ग यहां आकर भी नहीं भूल पाते, लेकिन आश्रम में अपने जैसे ही तमाम बुजुर्गों के बीच वे अपनी एक नई दुनिया बसा लेते हैं। बुजुर्गों की इसी दुनिया में आश्रम में आज एक बुजुर्ग पुरुष और महिला बैंडबाजों के साथ शादी के बंधन में बंधे तो आश्रम आनंद के अतिरेक में डूब गया। इस नई जोड़ी के बनने से यहां हर कोई खुश नजर आ रहा था।
अपनों के ठुकराए मुन्ना लाल और प्रीति लाल ने लिए सात फेरे
आज राम लाल वृद्ध आश्रम में रह रहे 66 साल के मुन्ना लाल ने यहीं रह रहीं 57 साल की प्रीतिलता से शादी रचाई। पूरे रीति रिवाज के साथ। इसके साक्षी बने आश्रम में रहने वाले दूसरे बुजुर्ग। आश्रम में बनी इस जोड़ी के नये जीवन को लेकर हर कोई खुश था।
दूल्हा बने मुन्ना लाल जालौन जिले के बहादुरपुर गांव के निवासी हैं। उनके अपने परिवार ने ही उन्हें इतना परेशान कर दिया था कि इस वृद्धाश्रम में आकर शरण ली। मुन्ना लाल 90 वर्ष की अपनी मां के साथ यहां पहुंचे थे। आश्रम में दोनों को आसरा मिला। यहीं पर बुलंदशहर के ग्राम जेटपुरा की प्रीति लाल भी अपनों के ठुकराने पर आसरा लेने पहुंचीं थीं।
आश्रम में मुन्ना लाल अपनी मां की सेवा में लगे रहते थे। प्रीति लाल भी मुन्ना लाल की वयोवृद्ध मां की सेवा करने लगीं। मां की सेवा करते-करते वे कब नजदीक आ गए, दोनों को इसकी भनक तक नहीं लगी। उम्र के इस दौर में अपने प्यार का इजहार करने में हिचक भी रहे थे, लेकिन फिर दोनों ने हिम्मत दिखाई। मुन्ना लाल ने मन की इच्छा मां को बताई तो मां ने बेटे के अलावा प्रीति लाल को बुलाकर आशीर्वाद दे दिया।
मुन्ना लाल और प्रीति लाल ने आश्रम के अध्यक्ष शिव प्रसाद शर्मा को प्रार्थना पत्र देकर शादी करने की इच्छा प्रकट की। दोनों ने अपने-अपने प्रार्थना पत्रों में लिखा कि उन्हें एक-दूसरे से प्यार हो गया है। वे शादी करना चाहते हैं। उन्हें इसकी इजाजत दी जाए।
रामलाल वृद्धाश्रम के अध्यक्ष शिव प्रसाद शर्मा ने इस मामले में कानूनी सलाह ली। वकील की अनापत्ति मिलने पर शिव प्रसाद शर्मा ने आश्रम के अंदर इस जोड़ी के बनने की अनुमति दे दी। जब यह बात आश्रम में रहने वाले दूसरे बुजुर्गों को पता चली तो वे भी बहुत खुश हो उठे। सभी को लगा कि भले ही वे अपनों द्वारा ठुकराए जा चुके हैं, लेकिन आश्रम में रहकर भी वे नया जीवन शुरू कर सकते हैं।
दो बुजुर्गों की शादी ही होनी है तो क्यों न पूरे रीति रिवाज के साथ हो, यही सोचकर आश्रम में रहने वाले सभी लोग इसे अपने परिवार की शादी मानकर तैयारियों में जुट गये। बीते दिन मुन्ना लाल और प्रीति लाल को हल्दी लगाई गई। दोनों के हाथों में मेहंदी भी रचाई गई। आज आश्रम के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में दोनों ने सात फेरे लिए, तो हर किसी की आंखों में खुशी के आंसू थे।
आज राम लाल वृद्ध आश्रम में रह रहे 66 साल के मुन्ना लाल ने यहीं रह रहीं 57 साल की प्रीतिलता से शादी रचाई। पूरे रीति रिवाज के साथ। इसके साक्षी बने आश्रम में रहने वाले दूसरे बुजुर्ग। आश्रम में बनी इस जोड़ी के नये जीवन को लेकर हर कोई खुश था।
दूल्हा बने मुन्ना लाल जालौन जिले के बहादुरपुर गांव के निवासी हैं। उनके अपने परिवार ने ही उन्हें इतना परेशान कर दिया था कि इस वृद्धाश्रम में आकर शरण ली। मुन्ना लाल 90 वर्ष की अपनी मां के साथ यहां पहुंचे थे। आश्रम में दोनों को आसरा मिला। यहीं पर बुलंदशहर के ग्राम जेटपुरा की प्रीति लाल भी अपनों के ठुकराने पर आसरा लेने पहुंचीं थीं।
आश्रम में मुन्ना लाल अपनी मां की सेवा में लगे रहते थे। प्रीति लाल भी मुन्ना लाल की वयोवृद्ध मां की सेवा करने लगीं। मां की सेवा करते-करते वे कब नजदीक आ गए, दोनों को इसकी भनक तक नहीं लगी। उम्र के इस दौर में अपने प्यार का इजहार करने में हिचक भी रहे थे, लेकिन फिर दोनों ने हिम्मत दिखाई। मुन्ना लाल ने मन की इच्छा मां को बताई तो मां ने बेटे के अलावा प्रीति लाल को बुलाकर आशीर्वाद दे दिया।
मुन्ना लाल और प्रीति लाल ने आश्रम के अध्यक्ष शिव प्रसाद शर्मा को प्रार्थना पत्र देकर शादी करने की इच्छा प्रकट की। दोनों ने अपने-अपने प्रार्थना पत्रों में लिखा कि उन्हें एक-दूसरे से प्यार हो गया है। वे शादी करना चाहते हैं। उन्हें इसकी इजाजत दी जाए।
रामलाल वृद्धाश्रम के अध्यक्ष शिव प्रसाद शर्मा ने इस मामले में कानूनी सलाह ली। वकील की अनापत्ति मिलने पर शिव प्रसाद शर्मा ने आश्रम के अंदर इस जोड़ी के बनने की अनुमति दे दी। जब यह बात आश्रम में रहने वाले दूसरे बुजुर्गों को पता चली तो वे भी बहुत खुश हो उठे। सभी को लगा कि भले ही वे अपनों द्वारा ठुकराए जा चुके हैं, लेकिन आश्रम में रहकर भी वे नया जीवन शुरू कर सकते हैं।
दो बुजुर्गों की शादी ही होनी है तो क्यों न पूरे रीति रिवाज के साथ हो, यही सोचकर आश्रम में रहने वाले सभी लोग इसे अपने परिवार की शादी मानकर तैयारियों में जुट गये। बीते दिन मुन्ना लाल और प्रीति लाल को हल्दी लगाई गई। दोनों के हाथों में मेहंदी भी रचाई गई। आज आश्रम के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में दोनों ने सात फेरे लिए, तो हर किसी की आंखों में खुशी के आंसू थे।