कौन कर रहा है जांच? मुझे तो अब तक बुलाया भी नहीं गया, अधिवक्ता दीक्षित ने उठाये सवाल

आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से जुड़ा विवाद और तीखा होता जा रहा है। विवि के अधिवक्ता पैनल के पूर्व सदस्य डॉ. अरुण कुमार दीक्षित ने कुलपति प्रो. आशु रानी के जांच सबंधी कथन का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें अब तक किसी भी जांच कमेटी से न कोई पत्र मिला और न ही कोई पूछताछ की गई। कुलपति कह रही हैं कि मैं जांच से घबरा रहा हूं, जबकि मुझे तो यह भी नहीं बताया गया कि जांच कमेटी है भी है और उसमें कौन-कौन सदस्य हैं।

Jun 15, 2025 - 21:26
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कौन कर रहा है जांच? मुझे तो अब तक बुलाया भी नहीं गया, अधिवक्ता दीक्षित ने उठाये सवाल

बोले- आरटीआई से जानकारी मांगे जाने पर भी नहीं मिला जांच कमेटी का जवाब, बताएं तो सही कौन हैं जांच कमेटी में

डॉ. दीक्षित ने बताया कि उन्होंने स्वयं आरटीआई के माध्यम से जांच कमेटी की जानकारी मांगी है, लेकिन अभी तक जवाब नहीं आया है। उन्होंने कहा कि जब आरोप कुलपति पर ही हों तो वे ऐसे में वह स्वयं कमेटी बना कैसे सकती हैं?

कुलपति के दावों पर दी चुनौती

डॉ. दीक्षित ने कहा कि कुलपति प्रो. आशु रानी द्वारा यह दावा किया गया कि उनका 76 लाख रुपये भुगतान हो चुका है, लेकिन आरटीआई में 56 लाख रुपये का ही उत्तर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से उनके 10.5 लाख रुपये का भुगतान रोक कर रखा गया है। कुलपति यह बताएं कि अभी कितना पैसा रुका हुआ है?

मेरे पास हर बात का प्रमाण है

डॉ. दीक्षित ने कहा कि उनके पास वादों की पैरवी, भुगतान संबंधी पत्र, रिसीविंग, नियुक्ति पत्र, पुनर्नियुक्ति पत्र सहित सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं।
उन्होंने कहा, कागज़ कभी मरते नहीं। मैं जो कह रहा हूं तथ्यों के साथ कह रहा हूं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व कुलपति प्रो. अशोक मित्तल के खिलाफ की गई उनकी शिकायत को राजभवन द्वारा सत्य माना गया था और जांच रिपोर्ट में उन्हें दोषी पाया गया था।

डॉ. दीक्षित ने कहा कि मुझ पर मिथ्या आरोप लगाकर मुझे मानसिक रूप से कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन मैं भी हार मानने वाला नहीं हूं, चाहे मेरी हत्या क्यों न करा दी जाए।

SP_Singh AURGURU Editor