नगर निगम क्या इस नौजवान की मौत की जिम्मेदारी लेगा?

आगरा। आगरा के थाना छत्ता क्षेत्र में यमुना किनारा रोड पर बंदरों द्वारा गिराई गई छत की मुंडेर के मलबे से एक युवक की मौत ने एक बार फिर शहर में बंदरों के उत्पात पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

May 6, 2025 - 11:31
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नगर निगम क्या इस नौजवान की मौत की जिम्मेदारी लेगा?

यमुना किनारा रोड पर अम्बेडकर पुल के पास स्थित बिल्डिंग पर यह हादसा हुआ था। बिल्डिंग के छत पर उछल कूद कर रहे बंदरों ने सड़क किनारे साइड की मुंडेर को हिलाया और मुंडेर का कुछ हिस्सा नीचे आ गिरा। सड़क पर ऑटो का इंतजार करते युवक पर मलबा गिरा। सिर में आई चोटों की वजह से युवक वहीं गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। 

हादसे की सूचना पर पुलिस पहुंची। शव का पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। यह कानूनी औपचारिकता तो होनी ही थी लेकिन इस हादसे के किसकी जवाबदेही है, यह बात चर्चा तक में नहीं आई। 

नगर निगम इस मौत की जिम्मेदारी से खुद को बचा नहीं सकता। बंदरों पर नियंत्रण के नगर निगम के अब तक के सारे प्रयास असफल ही साबित हुए हैं। कुत्तों और बंदरों की नसबंदी के नाम पर घोटाले की बात सदन में भी उठ चुकी है। दूसरी बात यह है कि जिस बिल्डिंग की मुंडेर गिरी, उसकी जर्जरावस्था का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी भी तो नगर निगम की ही थी। बिल्डिंग मालिक की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

नगर निगम पहले हो चुके हादसों की तरह इस हादसे की भी जिम्मेदारी लेने से रहा। एक परिवार का चिराग बुझ गया। उस परिवार के दुख की कल्पना कीजिए जिसका एक जवान बेटा जान से हाथ धो बैठा। नगर निगम की बला से, लोग मरते हैं तो मरें। नगर निगम के साहिबान तो अपना कार्यकाल पूरा करने आते हैं। ये सिलसिला ऐसे ही चलता रहेगा।