धार्मिक आस्था के साथ देशभक्ति का संगम: मनौना धाम में श्याम भक्तों ने की भारत की विजय की कामना
-आरके सिंह- बरेली। आंवला के मनौना धाम में शुक्रवार को एकादशी और द्वादशी के पावन अवसर पर आस्था और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। महंत ओमेंद्र जी महाराज के दर्शन और आशीर्वाद के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ में देश के विभिन्न हिस्सों से आए भक्तों ने न केवल अपनी व्यक्तिगत समस्याओं को लेकर प्रार्थना की, बल्कि भारत की विजय और पाकिस्तानी मंसूबों के अंत के लिए भी खाटू श्याम जी से विशेष प्रार्थनाएं कीं।
भीषण गर्मी के बीच महंत को अपने-अपने दुखों और समस्याओं की फरियाद सुनाते श्रद्धालुओं में कुछ ऐसे भी थे, जो देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत नजर आए। उन्होंने महंत ओमेंद्र जी से आग्रह किया कि वे खाटू श्याम जी से भारत की सेना को अजेय बनाने और पाकिस्तान का अस्तित्व समाप्त करने की प्रार्थना करें। इस पर महंत जी ने श्रद्धालुओं से कहा- सत्य की जीत होती है, भारत सत्य के मार्ग पर चलता है। भारत की विजय सुनिश्चित है।
उड़ीसा की एक 22 वर्षीय युवती ने बताया कि उसकी किडनी खराब है, लेकिन अगर वह ठीक हो गई तो वह अपनी एक किडनी भारतीय सेना के किसी जरूरतमंद जवान को देना चाहती है।
राजस्थान के अर्पित शर्मा, जो सवाई माधोपुर के रहने वाले हैं, बोले कि अगर पाकिस्तान को धूल चटाने के लिए मेरे खून की जरूरत पड़ी, तो मैं हमेशा तैयार हूं। वह अपनी मां शीतल (67) के लिए श्याम जल लेने आए थे, जो लीवर सिरोसिस से पीड़ित हैं। उनका दावा है कि श्याम जल पीने से उनकी मां की हालत में 60 प्रतिशत तक सुधार आया है।
बुंदेलखंड के केदारनाथ (70 वर्ष) ने बताया कि वे पिछले एक साल से श्याम जल पी रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके तीन बेटे हैं और जरूरत पड़ने पर वे सेना के लिए खून देने को भी तैयार हैं।
जयपुर के घनश्याम तिवारी ने कहा कि वे पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए रक्षा कोष में आर्थिक सहयोग देने के लिए तैयार हैं, बस प्रधानमंत्री की अपील का इंतजार है। कानपुर से आए श्रद्धालुओं से भरी एक बस में सभी ने बताया कि उन्होंने खाटू श्याम जी से केवल भारत की विजय की प्रार्थना की है।
नोएडा के एक परिवार ने महंत जी से अपने छह वर्षीय बच्चे के स्वास्थ्य के लिए आशीर्वाद मांगा और साथ ही भारत की जीत की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि भारत की विजय की सूचना मिलने पर वे धाम में घंटा चढ़ाने आएंगे।
इस प्रकार, मनौना धाम न केवल श्रद्धा का केंद्र बना, बल्कि यहां आने वाले भक्तों के मन में देशभक्ति की लहर भी साफ दिखाई दी। हर फरियाद में कहीं न कहीं भारतीय सेना की विजय, भारत की रक्षा और दुश्मन के अंत की आकांक्षा जुड़ी थी।