इंटर्नशिप में विधि छात्रों के लिए साइबर क्राइम, पीड़ित प्रतिकर और पर्यावरण संरक्षण पर हुआ संवाद
आगरा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा द्वारा आगरा कॉलेज के सेमिनार हॉल में विधि छात्रों के लिए आयोजित इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर साइबर क्राइम, पीड़ित प्रतिकर जैसे विषयों के साथ ही पर्यावरण संरक्षण पर संवाद हुआ. कार्यक्रम का उद्देश्य विधि शिक्षा, डिजिटल सुरक्षा, सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरण चेतना को एक मंच पर लाना था।
साइबर अपराधों पर गहन परिचर्चा
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में प्रभारी निरीक्षक श्रीमती रीता यादव और साइबर क्राइम सेल के उप निरीक्षक भगवान सिंह और नीतू तोमर ने साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे पर विस्तृत जानकारी दी।
विधि छात्रों को बताया गया कि कैसे सोशल मीडिया फ्रॉड, फिशिंग, और डेटा लीक के माध्यम से अपराधी आम नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने डिजिटल सतर्कता और सुरक्षा उपायों पर भी व्यावहारिक सुझाव दिए।
पीड़ित प्रतिकर योजना की जानकारी
द्वितीय सत्र में एडवोकेट रविंद्र कुमार वर्मा (डिप्टी एलएडीसी, आगरा) ने पीड़ित सहायता योजनाओं और पीड़ितों के संवैधानिक अधिकारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को बताया कि किस प्रकार राज्य पीड़ितों को राहत प्रदान करने हेतु आर्थिक एवं विधिक सहायता योजनाएं संचालित करता है।
जिला जेल का शैक्षणिक निरीक्षण
इंटर्नशिप का तृतीय चरण आगरा जिला कारागार के शैक्षणिक निरीक्षण को समर्पित रहा, जहां छात्रों ने जेल प्रशासन, सुधार कार्यक्रमों एवं विधिक सहायता व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस भ्रमण ने छात्रों को भारत की दंड प्रणाली की जमीनी हकीकत से रूबरू कराया।
बुजुबान पशुओं के लिए जल पात्र बांटे गये
कार्यक्रम के अंत में डॉ. मदन मोहन शर्मा (अध्यक्ष, श्री बांके बिहारी एजुकेशनल सोसाइटी) द्वारा मिट्टी के जल पात्र बेजुबान पशुओं के लिए वितरित किए गए तथा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। यह पहल इस बात का प्रतीक रही कि विधिक प्रशिक्षण केवल न्यायिक ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का भी वाहक होना चाहिए।
इस बहुआयामी कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, विधिक विशेषज्ञों और विधि छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. दिव्यप्रसाद द्विवेदी ने छात्रों को विधिक क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के लिए ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेने को प्रेरित किया।