आगरा में फर्जी पत्रकार बन ब्लैकमेलिंग का आरोप, कारोबारी से लाखों की वसूली का आरोप

आगरा के एत्माद्दौला क्षेत्र में एक रद्दी कारोबारी ने मुनीम विपिन बिहारी दुबे और उसके साथी राज अग्रवाल उर्फ फरमान खान पर फर्जी पत्रकार बनकर ब्लैकमेलिंग और लाखों रुपये की वसूली का आरोप लगाया है। आरोपियों पर गोदाम में आग लगाने, बच्चों के अपहरण और विभागीय कार्रवाई कराने की धमकी देने का भी आरोप है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

May 17, 2026 - 17:42
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आगरा में फर्जी पत्रकार बन ब्लैकमेलिंग का आरोप, कारोबारी से लाखों की वसूली का आरोप
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एत्माद्दौला थाना क्षेत्र में रद्दी कारोबारी ने मुनीम और उसके साथी पर दबाव बनाकर पैसे ऐंठने का लगाया आरोप, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

आगरा। आगरा के एत्मादुद्दौला थाना क्षेत्र में फर्जी पत्रकार बनकर ब्लैकमेलिंग और लाखों रुपये की जबरन वसूली का मामला सामने आया है। रद्दी कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले को लेकर व्यापारिक क्षेत्र में भी चर्चा तेज हो गई है।

पीड़ित कारोबारी अर्जुन गुप्ता पुत्र स्वर्गीय मनोज गुप्ता, निवासी महेंद्र एन्क्लेव, वजीरपुरा रोड ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि नुनहाई क्षेत्र में उनका रद्दी कागजों का गोदाम है। आरोप है कि उनके यहां काम करने वाला मुनीम विपिन बिहारी दुबे और उसका साथी राज अग्रवाल उर्फ फरमान खान लगातार उन्हें धमकाकर रुपये वसूल रहे थे।

कारोबारी का आरोप है कि आरोपी खुद को पत्रकार बताकर मीडिया, जीएसटी विभाग और फायर विभाग में ऊंची पकड़ होने का डर दिखाते थे। आरोपियों ने गोदाम में अनियमितताओं का मामला उठाने, वीडियो बनाकर सोशल मीडिया और मीडिया में बदनाम करने तथा विभागीय कार्रवाई कराने की धमकी दी।

पीड़ित के मुताबिक आरोपियों ने पहले तीन अलग-अलग बार में करीब ढाई लाख रुपये वसूले। इसके बाद दोबारा दबाव बनाकर पांच लाख रुपये और ले लिए। कारोबारी का आरोप है कि जब उसने रुपये देने से मना किया तो आरोपियों ने गोदाम में आग लगाने और बच्चों के अपहरण तक की धमकी दी।

लगातार धमकियों और मानसिक दबाव के चलते कारोबारी अवसाद में पहुंच गया। इसके बाद उसने पूरे मामले की शिकायत एत्माद्दौला थाना पुलिस से की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। कॉल रिकॉर्ड, लेनदेन और अन्य साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।