सिकंदरा थाने की कार्रवाई सवालों में, बाइक सवार युवक से कथित मारपीट, मामला राज्य मानवाधिकार आयोग पहुंचा
आगरा। किरावली के चर्चित मामले के बाद एक और पुलिसिया कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। सिकंदरा थाना क्षेत्र में तैनात एक दारोगा पर बाइक सवार युवक के साथ मारपीट का गंभीर आरोप लगा है। मामला अब राज्य मानवाधिकार आयोग तक पहुंच चुका है, जिससे पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
आगरा। किरावली के चर्चित मामले के बाद एक और पुलिसिया कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। सिकंदरा थाना क्षेत्र में तैनात एक दारोगा पर बाइक सवार युवक के साथ मारपीट का गंभीर आरोप लगा है। मामला अब राज्य मानवाधिकार आयोग तक पहुंच चुका है, जिससे पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
पीड़ित योगेश शर्मा का आरोप है कि वह बाइक से जा रहा था, तभी गलत साइड से आने के आरोप में उसे रोका गया। इसी दौरान दारोगा से कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते कथित मारपीट में बदल गई। योगेश का कहना है कि दारोगा ने उसे टेंपो में सिर मारकर घायल कर दिया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। पीड़ित के अनुसार, यह सब बिना किसी ठोस कारण के हुआ और उसके साथ अनावश्यक बल प्रयोग किया गया।
घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित के खिलाफ शांति भंग और चालान की कार्रवाई की, जिस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि इस कार्रवाई के जरिए असल घटना को दबाने की कोशिश की गई। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई।
मामला तूल पकड़ने पर पीड़ित ने राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने शिकायत को संज्ञान में लेते हुए केस दर्ज कर लिया है और आरोपी दारोगा के खिलाफ निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग की गई है।
योगेश शर्मा ने साफ कहा है कि यदि पुलिस उनकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं करती है, तो वह न्यायालय की शरण लेंगे। उनका कहना है कि वह अपने सम्मान और अधिकारों की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ेंगे।
यह मामला एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली, जवाबदेही और आम नागरिकों के मानवाधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सबकी निगाहें राज्य मानवाधिकार आयोग की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।