नेत्रदान के बाद देहदान, आगरा की मनोरमा अग्रवाल बनीं मानवता की मिसाल

आगरा में मानव सेवा और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी उदाहरण सामने आया है। लोहामंडी निवासी 70 वर्षीय श्रीमती मनोरमा अग्रवाल की मृत्यु के बाद उनके परिजनों द्वारा कराये गये नेत्रदान और देहदान ने समाज को नई दिशा दी है। उनकी इस प्रेरक पहल से जहां नेत्रहीनों को रोशनी की उम्मीद जगी, वहीं मेडिकल छात्रों की शिक्षा को भी अमूल्य योगदान मिला है।

Feb 9, 2026 - 19:31
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नेत्रदान के बाद देहदान, आगरा की मनोरमा अग्रवाल बनीं मानवता की मिसाल
स्व. श्रीमती मनोरमा अग्रवाल।

आगरा। आलमगंज, लोहामंडी निवासी श्रीमती मनोरमा अग्रवाल (70), धर्मपत्नी जवाहरलाल अग्रवाल, का रविवार देर रात निधन हो गया था। निधन के उपरांत उनके परिवारीजनों ने क्षेत्र की बजाजा कमेटी के सहयोग से एस.एन. मेडिकल कॉलेज में उनका नेत्रदान कराया तथा उनकी पूर्व इच्छा के अनुसार सोमवार को उनका पार्थिव शरीर डॉक्टरों की पढ़ाई हेतु दान कर दिया।

उनके निधन की सूचना मिलने पर विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल ने देहदान की प्रक्रिया के लिए बजाजा कमेटी के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल को अवगत कराया। अनिल अग्रवाल ने परिवार को नेत्रदान कराने की भी सलाह दी, जिसे परिवार ने सहर्ष स्वीकार किया।

परिवार की सहमति मिलने के बाद रविवार रात ही एस.एन. मेडिकल कॉलेज की आई बैंक की इंचार्ज डॉ. शेफाली मजूमदार के निर्देशन में डॉक्टरों की टीम द्वारा, ग्रीफ काउंसलर दीपक शर्मा के सहयोग से, नेत्रदान की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण की गई।

सोमवार सुबह लगभग 11 बजे, श्रीमती मनोरमा अग्रवाल का पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान से शवयात्रा के रूप में एम्बुलेंस द्वारा एस.एन. मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग लाया गया, जहां डॉ. कमल एवं डॉ. अंजली शर्मा को विधिवत रूप से पार्थिव शरीर सौंपा गया।

नेत्रदान और देहदान जैसे पुण्य कार्य के लिए मृतका के परिवार की सराहना करते हुए बजाजा कमेटी के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने सधन्यवाद कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि ऐसे कार्य समाज में जागरूकता और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं।

इस अवसर पर मंत्री प्रशांत गुप्ता, नेत्रदान एवं देहदान प्रभारी विष्णु जैन, नंदकिशोर गोयल, देहदानी के पुत्र, दामाद तथा अन्य परिजन व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor