मंडप से सीधे मंजिल की ओर, दुल्हन ने नहीं छोड़ा अपना सपना, रिवाज भी निभे, करियर भी नहीं छूटा

आगरा में 21 फरवरी को शादी के बाद अनीशा को आंगनबाड़ी वर्कर पद के इंटरव्यू की जानकारी मिली। इंटरव्यू छोड़ने की बजाय दूल्हे मनोज ने परिवार की सहमति से फेरे जल्दी पूरे कराकर दुल्हन को सीधे विकास भवन पहुंचाया। अनीशा ने दुल्हन के जोड़े में ही इंटरव्यू दिया। यह घटना साझेदारी, समझदारी और महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बन गई।

Feb 22, 2026 - 21:51
 0
मंडप से सीधे मंजिल की ओर, दुल्हन ने नहीं छोड़ा अपना सपना, रिवाज भी निभे, करियर भी नहीं छूटा
फेरे के बाद पति मनोज के साथ इंटरव्यू देने जाती अनिशा।

पति ने कहा-‘सपना पहले’, और दुल्हन पहुंची इंटरव्यू देने

आगरा। आमतौर पर शादी के अगले दिन नई दुल्हन की विदाई ससुराल की चौखट पर होती है, लेकिन अनीशा की विदाई सीधे इंटरव्यू हॉल में हुई। यह कहानी सिर्फ एक शादी की 
नहीं, बल्कि साझेदारी, समझदारी और सपनों को साथ लेकर चलने की मिसाल है।

मनोज और अनीशा एक-दूसरे को पसंद करने लगे थे। परिवारों ने भी सहमति दी और 21 फरवरी को दोनों विवाह बंधन में बंध गए। शादी की खुशियों के बीच एक अहम मोड़ तब आया, जब अनीशा को पता चला कि रविवार को आंगनबाड़ी वर्कर पद के लिए उसका इंटरव्यू है।

दुल्हन की दुविधा, दूल्हे का निर्णय

अनीशा ने दुल्हन के लिबास में ही मनोज से कहा कि शादी के तुरंत बाद गांव से शहर जाना संभव नहीं होगा, इसलिए इंटरव्यू छोड़ देना ही ठीक रहेगा। लेकिन मनोज ने साफ कहा कि “तुम परेशान मत हो, रास्ता निकल जाएगा।” उन्होंने तुरंत घरवालों से बात की। सबने मिलकर फैसला किया कि फेरे की रस्में समय से पूरी कराकर विदाई कर दी जाए, ताकि अनीशा समय पर इंटरव्यू दे सके।

मंडप से सीधे विकास भवन

विदाई के बाद जहां आमतौर पर दुल्हन ससुराल जाती है, वहीं मनोज अपनी नवविवाहिता को सीधे आगरा जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन ले गए। अनीशा ने दुल्हन के जोड़े में ही इंटरव्यू दिया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भी खास बन गया। एक ओर सुहाग का लाल जोड़ा, दूसरी ओर आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत।

“पत्नी अपने पैरों पर खड़ी हो”-मनोज

मनोज ने कहा, “मैं चाहता हूं कि मेरी पत्नी अपने पैरों पर खड़ी हो। उसने जो सपने देखे हैं, उन्हें पूरा करने में मैं उसका साथ दूं। शादी सिर्फ साथ निभाने का वादा नहीं, बल्कि एक-दूसरे के सपनों को पूरा करने की जिम्मेदारी भी है।” इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनीशा पति के साथ विकास भवन से ससुराल के लिए रवाना हुई। इस बार सिर्फ दुल्हन के रूप में नहीं, बल्कि अपने सपनों की ओर बढ़ती एक आत्मविश्वासी युवती के रूप में।