22 लाख के रिकवरी सर्टिफिकेट से हड़कंप- निलंबित अधिकारी अलंकार के सरकारी आवास पर बिजली विभाग की बड़ी चूक, प्रशासन भड़का
-रमेश कुमार सिंह- बरेली। एडीएम कंपाउंड स्थित सिटी मजिस्ट्रेट आवास एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। इस बार वजह बनी बिजली विभाग की चौंकाने वाली लापरवाही, जिसने पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के सरकारी आवास पर 22 लाख 73 हजार 932 रुपये बिजली बकाया दिखाते हुए सीधे आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी कर दी। आरसी जारी होते ही प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई और मामले को दबाने की कवायद शुरू हो गई।
लापरवाही का केंद्र: कॉमर्शियल-2 वर्टिकल
यह पूरा मामला रामपुर बाग स्थित बिजली विभाग के कॉमर्शियल-2 वर्टिकल कार्यालय से जुड़ा है। अधिशासी अभियंता सूर्य कुमार के कार्यालय से बिना नियमों की पड़ताल किए यह आरसी जिला प्रशासन को भेज दी गई। जबकि विभागीय नियम स्पष्ट हैं कि सरकारी अधिकारी या सरकारी आवास पर सीधे आरसी जारी नहीं की जाती।
कलेक्ट्रेट पहुंचते ही मचा हड़कंप
जैसे ही यह आरसी कलेक्ट्रेट पहुंची, उच्च अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई। फाइल को सार्वजनिक होने से रोकने के लिए जिला संग्रह कार्यालय से लेकर तहसील सदर तक गोपनीयता के निर्देश जारी कर दिए गए। प्रशासनिक आपत्ति दर्ज होने के बाद बिजली विभाग के अधिकारी बैकफुट पर आ गए।
फजीहत के बाद पलटी मारता विभाग
मामला बढ़ता देख अधिशासी अभियंता सूर्य कुमार ने आनन-फानन में प्रशासन को पत्र लिखकर आरसी वापस लेने का अनुरोध कर दिया। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस चूक से बिजली विभाग की छवि को गहरा नुकसान पहुंचा है और अंदरखाने जवाबदेही तय करने की तैयारी भी चल रही है।
पहले से विवादित रहा है यह आवास
गौरतलब है कि यही वह सरकारी आवास है जहां रहते हुए सिटी मजिस्ट्रेट रहे अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी मुद्दे पर सरकार के खिलाफ बगावत की थी। इसके बाद उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र भी दे दिया था। मौजूदा मामला सामने आने के बाद एक बार फिर यह आवास और उससे जुड़ा प्रशासनिक तंत्र सवालों के घेरे में है।