बरेली में रिश्तों को शर्मसार करने वाले अपराध पर सख़्त फैसला, मां से दुष्कर्म करने वाले बेटे को आजीवन कारावास
रमेश कुमार सिंह--बरेली। बरेली की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मानवता और रिश्तों को झकझोर देने वाले मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सगी मां से बलात्कार के दोषी बेटे को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) अशोक कुमार यादव (तृतीय) ने शनिवार को दोषसिद्ध आरोपी को 22 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया।
अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी सुरेश बाबू साहू ने बताया कि पीड़िता ने 12 अक्टूबर 2021 को थाना भमौरा में अपने दो बेटों राजेश और प्रदीप के साथ पहुंचकर अपने ही बेटे किशन लाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
तहरीर के अनुसार, 10 अक्टूबर 2021 की रात आरोपी किशन लाल ने भूख लगने का बहाना बनाकर मां से दरवाजा खुलवाया। दरवाजा खुलते ही वह कमरे में घुसा, एक हाथ से मां की गर्दन दबाई और दूसरे हाथ से कपड़े उतारकर दुष्कर्म किया। घटना के बाद जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया।
पीड़िता ने बाहर मजदूरी करने गए अपने दोनों बेटों को सूचना दी। 12 अक्टूबर को राजेश और प्रदीप की मदद से आरोपी को पकड़कर थाने लाया गया, जहां उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच के दौरान आरोपी का वीर्य, रक्त, बाल और पीड़िता का पेटीकोट डीएनए जांच के लिए भेजा गया, जिसकी रिपोर्ट ने अपराध की पुष्टि की। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में कुल आठ गवाह पेश किए।
सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने किशन लाल को दोषी करार देते हुए धारा 376 भा.दं.सं. के तहत आजीवन कठोर कारावास एवं 20 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 506 के तहत दो वर्ष का कारावास और 2 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर क्रमशः तीन माह और एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
न्यायालय ने निर्णय की प्रति दोषसिद्ध को निःशुल्क उपलब्ध कराई और जिला कारागार बरेली के अधीक्षक को सजावारंट के त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए।