आगरा कॊलेजः अनुराग शुक्ल ने प्रो. सीके गौतम का रिजल्ट घोषित करने को दी चुनौती

आगरा। आगरा कॊलेज के प्रिंसिपल पद से हटाये जा चुके डॊ. अनुराग शुक्ल हार नहीं मान रहे। डॊ. शुक्ल ने कॊलेज के प्रिंसिपल पद पर आसीन हो चुके प्रो. सीके गौतम का रिजल्ट घोषित करने और उन्हें प्रिंसिपल नियुक्त करने के फैसले को भी चुनौती दी है। हालांकि हाईकोर्ट ने उनकी इस याचिका को उनकी एक अन्य याचिका का हवाला देते हुए फिलहाल सुनने से इंकार कर दिया है।

Apr 6, 2025 - 17:28
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आगरा कॊलेजः अनुराग शुक्ल ने प्रो. सीके गौतम का रिजल्ट घोषित करने को दी चुनौती

-डॊ. शुक्ल की विशेष अपील विचाराधीन होने के कारण हाईकोर्ट ने नई याचिका की सुनवाई टाली

डॊ. अनुराग शुक्ल ने अपनी नई याचिका में उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आगरा कॊलेज के प्राचार्य प्रो. सीके गौतम का रिजल्ट घोषित करने को चुनौती दी है। बता दें कि जिस वर्ष डॊ. अनुराग शुक्ल का आयोग से प्रिंसिपल पद पर चयन हुआ था, उसी वर्ष डॊ. सीके गौतम ने भी प्रिंसिपल पद के लिए अपना अभ्यर्थन दिया था, लेकिन आयोग ने उनका साक्षात्कार नहीं लिया था। जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट के आदेश पर इंटरव्यू ले लिया गया था, लेकिन इसके बाद उनका रिजल्ट घोषित नहीं किया था।

अब जबकि डॊ. अनुराग शुक्ल के बारे में आयोग के समक्ष जब यह साबित हो गया कि उन्होंने कूटरचित दस्तावेजों से प्राचार्य पद हासिल किया था, तब आयोग ने उनका अभ्यर्थन शून्य घोषित कर दिया था। इधर आयोग ने प्रो. सीके गौतम का रुका हुआ रिजल्ट घोषित करते हुए उन्हें प्रिंसिपल पद के लिए अर्ह मान लिया था। आयोग के इसी फैसले के क्रम में शासन ने प्रो. सीके गौतम को आगरा कॊलेज का प्रिंसिपल नियुक्त कर दिया था।

प्रो. सीके गौतम का रिजल्ट घोषित किए जाने को चुनौती दिए जाने संबंधी डॊ. अनुराग शुक्ल की नई याचिका सुनवाई के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की बेंच में प्रस्तुत हुई। न्यायमूर्ति चौहान ने इस याचिका को इस आधार पर सुनने से इंकार कर दिया कि याचिकाकर्ता (डॊ. शुक्ल) की सेवाएं समाप्त किए जाने के आदेश के विरुद्ध विशेष अपील विशेष अपीलीय न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है। 

जस्टिस चौहान ने कहा कि इस तथ्य के मद्देनज़र कि विशेष अपीलीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश का वर्तमान वाद पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है, वर्तमान रिट याचिका को स्थगित किया जा रहा है। इस बीच, प्रतिवादीगण अपना जवाबी हलफनामा दाखिल कर सकते हैं।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि मामला केवल इस कारण स्थगित किया गया है कि विशेष अपील विशेष अपीलीय न्यायालय के समक्ष स्वीकृति के लिए विचारार्थ सूचीबद्ध है, और इस न्यायालय ने इस चरण पर मामले के गुण-दोष पर कोई विचार नहीं किया है।

बता दें कि डॊ. अनुराग शुक्ल ने खुद का प्रिंसिपल पद से अभ्यर्थन शून्य घोषित किए जाने और इसके आधार पर शासन द्वारा उन्हें प्रिंसिपल पद से हटाए जाने के फैसले को हाईकोर्ट की डबल बेंच में तो चुनौती दे ही रखी है। वैसे इसी मामले में सिंगिल बेंच ने डॊ. अनुराग शुक्ल को किसी प्रकार की राहत न देते हुए उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा सेवा चयन आयोग और निदेशक उच्च शिक्षा द्वारा उनके बारे में लिए गये निर्णयों पर मुहर लगा दी थी।

SP_Singh AURGURU Editor