स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही पर आगरा डीएम सख्त, आयुष्मान व पल्स पोलियो को लेकर दिए कड़े निर्देश
आगरा। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आज जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं स्वास्थ्य संकेतकों की बिंदुवार समीक्षा की और कार्यों में तेजी लाने के लिए सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक हर हाल में पहुंचाया जाएगा।
आगरा। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आज जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं स्वास्थ्य संकेतकों की बिंदुवार समीक्षा की और कार्यों में तेजी लाने के लिए सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक हर हाल में पहुंचाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत गोल्डन कार्ड बनाए जाने की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे और बढ़ाने के निर्देश दिए। विशेष रूप से 6 यूनिट वाले राशन कार्ड धारकों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के लिए राशन डीलरों का सहयोग लेने को कहा गया। साथ ही शहरी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे माइक्रो प्लान तैयार कर प्लान साइट्स का स्वयं निरीक्षण करें।
ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष्मान कार्ड निर्माण में सहयोग न करने वाले सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) को नोटिस जारी कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
सघन पल्स पोलियो अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन आशा कार्यकर्ताओं द्वारा कार्य नहीं किया जा रहा है, उन्हें नोटिस जारी कर सेवा समाप्त की जाए। वहीं अभियान के दौरान कार्य न करने वाली एएनएम के विरुद्ध भी सख्त कदम उठाने को कहा गया। संविदा पर कार्यरत एएनएम की संविदा समाप्त करने और नियमित एएनएम को दूरस्थ स्थानांतरण किए जाने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा शून्य प्रसव वाले शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्टाफ नर्सों को चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। जननी सुरक्षा योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अप्रैल माह से अब तक जिन आशा कार्यकर्ताओं द्वारा एक भी प्रसव नहीं कराया गया है, उन्हें नोटिस देकर सेवा समाप्ति की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता, डॉ. अमित रावत, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नंदन सिंह, डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति, डॉ. उपेंद्र, कुलदीप भारद्वाज (जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एनएचएम) सहित सभी ब्लॉकों के चिकित्सा अधीक्षक, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी तथा यूनिसेफ, डब्ल्यूएचओ, जेएसआई, यूपीटीएसयू के एनजीओ पार्टनर उपस्थित रहे।