आगरा डीएम की दो टूक, हर गर्भवती सुरक्षित हो, हर लाभार्थी को मिले आयुष्मान कार्ड
आगरा। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा के साथ कई अहम निर्देश जारी किए गए।
डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की अहम बैठक, खराब प्रदर्शन करने वाली आशाओं पर गिरेगी गाज
आगरा। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा के साथ कई अहम निर्देश जारी किए गए।
बैठक की शुरुआत टीबी मुक्त अभियान के अंतर्गत की गई, जिसमें सेंट्रल टीबी यूनिट आगरा ईस्ट के 50 टीबी मरीजों को पोषण पोटली का वितरण किया गया। यह पोषण पोटली समाजसेवी एवं निश्चय मित्र समाना कैटर्स, आगरा के सौजन्य से वितरित की गई। पोषण पोटली में चना, दाल, सोयाबीन, दलिया, मूंगफली, सत्तू, प्रोटीन पाउडर सहित अन्य पौष्टिक सामग्री शामिल रही, जो टीबी मरीजों को दवा के साथ पोषण प्रदान कर उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सहायक होती है।
बैठक में पिछली जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि 191 आशा कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किए गए थे, जिन्होंने अप्रैल माह से अब तक कोई भी संस्थागत प्रसव नहीं कराया था। जिन आशाओं के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए अथवा जिन्होंने अब तक संस्थागत प्रसव नहीं कराया है, उन्हें ग्राम पंचायत के माध्यम से प्रस्ताव पारित कर हटाने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह द्वारा दिए गए।
टीकाकरण की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन ब्लॉकों एवं शहरी इकाइयों में टीकाकरण की प्रगति धीमी है, वहां के चिकित्सा अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा में आगरा शहरी क्षेत्र में आयुष्मान कार्ड निर्माण की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने शहरी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 100 प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित करें।
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा में बताया गया कि संस्थागत प्रसव के अंतर्गत 90 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने शेष लाभार्थियों का भुगतान शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मातृ मृत्यु की समीक्षा में जानकारी दी गई कि दिसंबर माह में दो मातृ मृत्यु दर्ज की गई हैं। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित मामलों की केस स्टडी, जांच, नियमित टीकाकरण का शत-प्रतिशत लक्ष्य, गर्भवती महिलाओं की निरंतर मॉनिटरिंग, हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान तथा पीएमएसएमए रिपोर्ट की गहन समीक्षा करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने सभी सीएचसी और पीएचसी परिसरों में साफ-सफाई, चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, दस्तावेज़ीकरण और रजिस्टरों के समुचित रखरखाव को सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता, डॉ. अमित रावत, डॉ. प्रमोद कुमार, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति, डॉ. उपेंद्र, डॉ. ऋषि गोपाल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एचएम कुलदीप भारद्वाज, सभी ब्लॉकों के चिकित्सा अधीक्षक, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, यूनिसेफ, डब्ल्यूएचओ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।