आगरा मेट्रो के सिकंदरा स्टेशन का कॉन्कोर्स तैयार, जल्द दिखेगा पूरा एलिवेटेड ट्रैक

आगरा मेट्रो के प्रथम कॉरिडोर के आईएसबीटी-सिकंदरा सेक्शन में निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। सिकंदरा मेट्रो स्टेशन के कॉन्कोर्स तल का निर्माण पूरा हो चुका है। इस हिस्से में सभी पियर तैयार हैं और 272 में से करीब 230 यू-गर्डर का इरेक्शन पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा 52 आई-गर्डर में 36 और 131 पियरकैप में 121 का निर्माण पूरा हो चुका है। गुरु का ताल और सिकंदरा स्टेशन में सिंगल पिलर तकनीक तथा स्टेशनों में डबल टी और पाई गर्डर जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

Sep 9, 2026 - 21:32
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आगरा मेट्रो के सिकंदरा स्टेशन का कॉन्कोर्स तैयार, जल्द दिखेगा पूरा एलिवेटेड ट्रैक
आईएसबीटी से सिकंदरा तक आकार लेती मेट्रो।

आईएसबीटी-सिकंदरा सेक्शन में तेजी से आगे बढ़ रहा निर्माण कार्य, सभी पियर तैयार, 272 यू-गर्डर लगाए जाने हैं

आगरा। ताजनगरी में मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्य ने एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने प्रथम कॉरिडोर के शेष एलिवेटेड हिस्से आईएसबीटी से सिकंदरा के बीच निर्माण कार्य को तेज कर दिया है। इस सेक्शन में सिकंदरा मेट्रो स्टेशन के कॉन्कोर्स तल का निर्माण पूरा हो गया है। इसके साथ ही गुरु का ताल और सिकंदरा मेट्रो स्टेशन के निर्माण में अपनाई जा रही आधुनिक सिंगल पिलर तकनीक से भी काम को गति मिल रही है।

आईएसबीटी से सिकंदरा के बीच पूरे सेक्शन में सभी पियर तैयार किए जा चुके हैं। वहीं, यू-गर्डर की कास्टिंग का काम भी पूरा हो चुका है। अब तक करीब 230 यू-गर्डर का सफलतापूर्वक इरेक्शन किया जा चुका है। इससे साफ है कि इस हिस्से में मेट्रो के एलिवेटेड ट्रैक और स्टेशनों का ढांचा तेजी से आकार ले रहा है।

सिकंदरा स्टेशन का कॉन्कोर्स तल तैयार

सिकंदरा मेट्रो स्टेशन के कॉन्कोर्स तल का निर्माण पूरा होना परियोजना के लिए अहम उपलब्धि माना जा रहा है। सामान्य तौर पर स्टेशन के कॉन्कोर्स निर्माण में शटरिंग और लेंटर जैसी पारंपरिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन आगरा मेट्रो स्टेशनों के निर्माण में आधुनिक डबल टी गर्डर और पाई गर्डर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। पाई गर्डर का आकार गणित में इस्तेमाल होने वाले ‘π’ चिन्ह जैसा दिखाई देता है। इन प्रीकास्ट गर्डरों के इस्तेमाल से स्टेशन के कॉन्कोर्स का निर्माण कम समय में पूरा किया जा सकता है। साथ ही निर्माण के दौरान सड़क के नीचे चलने वाले यातायात पर भी कम से कम असर पड़ता है।

यू-गर्डर से निर्माण में समय और लागत दोनों की बचत

आगरा मेट्रो के एलिवेटेड सेक्शन में यू-गर्डर तकनीक का इस्तेमाल निर्माण को तेज करने के साथ-साथ लागत कम करने में भी मदद कर रहा है। पारंपरिक बॉक्स गर्डर की तुलना में यू-गर्डर को अधिक प्रभावी और उपयोगी माना जाता है। अंग्रेजी अक्षर ‘U’ के आकार में बने इस गर्डर के दोनों किनारों पर पर्याप्त जगह उपलब्ध होती है। इसका फायदा सिग्नलिंग और अन्य तकनीकी उपकरणों की स्थापना में मिलता है। यू-गर्डर का निर्माण साइट के बजाय पहले से तैयार कास्टिंग यार्ड में किया जाता है। इसके बाद इन्हें भारी वाहनों के जरिए निर्माण स्थल तक पहुंचाया जाता है और क्रेन की मदद से दो पियर के बीच स्थापित किया जाता है। इससे निर्माण स्थल पर काम का समय कम होता है और सड़क पर आवाजाही करने वाले लोगों को भी अपेक्षाकृत कम परेशानी होती है।

272 यू-गर्डर लगाए जाने हैं, 230 का इरेक्शन पूरा

आईएसबीटी से सिकंदरा के बीच बन रहे एलिवेटेड कॉरिडोर में करीब 272 यू-गर्डर का इस्तेमाल किया जाना है। इनमें से अब तक लगभग 230 यू-गर्डर का इरेक्शन पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा इस सेक्शन में 52 आई-गर्डर में से 36 का इरेक्शन पूरा हो चुका है। वहीं 131 पियरकैप में से 121 पियरकैप का निर्माण कार्य भी पूरा किया जा चुका है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि एलिवेटेड सेक्शन के निर्माण में किस तेजी से काम आगे बढ़ रहा है।

गुरु का ताल और सिकंदरा में सिंगल पिलर तकनीक

गुरु का ताल और सिकंदरा मेट्रो स्टेशन का निर्माण सिंगल पिलर तकनीक के जरिए किया जा रहा है। इस तकनीक का फायदा यह है कि सड़क के बीच कम जगह घेरते हुए एलिवेटेड संरचना को तैयार किया जा सकता है। इससे व्यस्त मार्गों पर निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलती है।

29.4 किलोमीटर लंबा है आगरा मेट्रो नेटवर्क

ताजनगरी में कुल 29.4 किलोमीटर लंबे दो मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। इन दोनों कॉरिडोर में कुल 27 स्टेशन प्रस्तावित हैं। प्रथम कॉरिडोर करीब 14 किलोमीटर लंबा है, जो ताज ईस्ट गेट से सिकंदरा तक बनाया जा रहा है। इस कॉरिडोर में कुल 13 स्टेशन हैं, जिनमें 6 एलिवेटेड और 7 भूमिगत स्टेशन शामिल हैं। इस कॉरिडोर के करीब 6 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी सेक्शन में मेट्रो का संचालन पहले से सफलतापूर्वक किया जा रहा है। वहीं, दूसरे कॉरिडोर का निर्माण आगरा कैंट से कालिंदी विहार के बीच किया जा रहा है। यह कॉरिडोर करीब 16 किलोमीटर लंबा है और इसमें 14 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जा रहे हैं।

मेट्रो विस्तार से शहर के यातायात को मिलेगी नई दिशा

आईएसबीटी से सिकंदरा के बीच निर्माण कार्य में तेजी आगरा के लिए महत्वपूर्ण है। सिकंदरा शहर के प्रमुख प्रवेश और व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल है। इस सेक्शन के पूरा होने से शहर के प्रमुख हिस्सों के बीच तेज और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा और मजबूत होगी। मेट्रो के विस्तार से सड़क यातायात का दबाव कम करने और यात्रियों को सुगम आवागमन उपलब्ध कराने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।