आगरा मेट्रो की रफ्तार को नया मुकाम, मनकामेश्वर से आईएसबीटी तक सफल ट्रायल रन, यूपीएमआरसी ने बनाया रिकॉर्ड
आगरा। आगरा मेट्रो परियोजना ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। प्रथम कॉरिडोर के प्रायोरिटी सेक्शन में सफलतापूर्वक मेट्रो परिचालन शुरू होने के बाद अब यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी ) ने मनकामेश्वर से आईएसबीटी तक मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन सफलतापूर्वक कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।
यूपी मेट्रो के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ परीक्षण
जल्द डाउन लाइन पर भी दौड़ेगी मेट्रो, शेष कार्य अंतिम चरण में
आगरा। आगरा मेट्रो परियोजना ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। प्रथम कॉरिडोर के प्रायोरिटी सेक्शन में सफलतापूर्वक मेट्रो परिचालन शुरू होने के बाद अब यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी ) ने मनकामेश्वर से आईएसबीटी तक मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन सफलतापूर्वक कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।
आईएसबीटी और मनकामेश्वर मेट्रो स्टेशन के बीच अप लाइन पर यह ट्रायल रन पूरी तरह सफल रहा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर यूपी मेट्रो के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार, निदेशक (रोलिंग स्टॉक एवं सिस्टम) नवीन कुमार, निदेशक (कार्य एवं संरचना) सीपी सिंह, आगरा मेट्रो के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार राय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने पूरी प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी की।
दो साल पहले इसी दिन हुई थी ऐतिहासिक शुरुआत
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में इसी दिन आगरा मेट्रो के प्रायोरिटी सेक्शन ताज ईस्ट गेट से मनकामेश्वर मेट्रो स्टेशन पर पहली बार ट्रेन का ट्रायल रन किया गया था। अब उसी कड़ी में मनकामेश्वर से आईएसबीटी तक अप लाइन पर ट्रायल रन पूरा होना परियोजना की तेज प्रगति को दर्शाता है।
इन स्टेशनों से होकर गुजरी मेट्रो
ट्रायल रन के दौरान मेट्रो ट्रेन को प्रथम कॉरिडोर में मनकामेश्वर स्टेशन से आईएसबीटी की दिशा में ले जाया गया। इस दौरान ट्रेन एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी और आरबीएस कॉलेज मेट्रो स्टेशनों से होकर गुजरी। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ट्रेन को अप लाइन में वापस मनकामेश्वर स्टेशन लाया गया।
डाउन लाइन पर भी जल्द ट्रायल रन
अप लाइन पर ट्रायल रन के बाद अब डाउन लाइन पर ट्रैक बिछाने का कार्य अंतिम चरण में है। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही डाउन लाइन में ट्रैक, ट्रेक्शन और सिग्नलिंग से जुड़े कार्य पूरे कर वहां भी ट्रायल रन किया जाएगा।
आईएसबीटी से सिकंदरा तक तेजी से चल रहा निर्माण
गौरतलब है कि आईएसबीटी से सिकंदरा तक शेष खंड के एलिवेटेड सेक्शन पर सिविल कार्य तेज गति से चल रहा है। वहीं आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि परियोजना को तय समय सीमा में पूरा कर आगरा को विश्वस्तरीय मेट्रो सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
ट्रायल रन क्यों होता है जरूरी?
किसी भी नए ट्रैक या खंड पर पहली बार ट्रेन के संचालन को ट्रायल रन कहा जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि मेट्रो प्रणाली, ट्रैक, सिग्नलिंग और अन्य तकनीकी व्यवस्थाएं यात्रियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु हैं।
भूमिगत ट्रैक निर्माण की प्रक्रिया
भूमिगत मेट्रो ट्रैक के निर्माण में सबसे पहले स्टेशन का ढांचा तैयार किया जाता है। इसके बाद एक लॉन्चिंग शाफ्ट बनाकर उसमें टनल बोरिंग मशीन (TBM) उतारी जाती है। टीबीएम के माध्यम से गोलाकार सुरंग बनाई जाती है। चूंकि सुरंग गोलाकार होती है, इसलिए सीधे ट्रैक नहीं बिछाया जा सकता। इसके लिए पहले ट्रैक स्लैब तैयार की जाती हैं और फिर उन पर बैलास्टलेस ट्रैक बिछाकर मेट्रो संचालन के लिए पथ तैयार किया जाता है।