आगराः खेत में लावारिस मिला नीलगाय का बछड़ा, वाइल्डलाइफ एसओएस ने दिया नया जीवन

आगरा। संवेदना का जीवंत उदाहरण पेश करते हुए वाइल्डलाइफ एसओएस ने एक नन्हे और लावारिस नीलगाय के बछड़े को सुरक्षित बचाकर नया जीवन दिया। आगरा के किरावली क्षेत्र के गहर्रा कलां गांव में खेत में अकेला दिखा यह मासूम बछड़ा महज़ दस दिन का है। स्थानीय ग्रामीणों ने उसकी मां को आस-पास ढूंढा लेकिन नाकाम रहे। इसके बाद उन्होंने वन विभाग की सूचना पर वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने बछड़े को रेस्क्यू कर लिया।

Sep 12, 2025 - 15:33
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आगराः खेत में लावारिस मिला नीलगाय का बछड़ा, वाइल्डलाइफ एसओएस ने दिया नया जीवन
किरावली क्षेत्र के गहर्रा कलां गांव में लावारिस मिले नीलगाय के बछड़े को दूध जैसा फॊर्मूला पिलाता वाइल्डलाइफ एसओएस का कर्मचारी।

रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर बछड़े को सुरक्षित एनजीओ की ट्रांजिट फैसिलिटी तक पहुंचाया, जहां वह अब निरंतर पशु चिकित्सा देखभाल और निगरानी में है। सौभाग्य से, उसे कोई चोट नहीं आई, लेकिन कम उम्र के कारण उसे 24 घंटे स्पेशल केयर और हर तीन घंटे पर न्यूट्रिशन से भरपूर दूध पिलाया जा रहा है।

वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि इस तरह के रेस्क्यू मानवीय संवेदना और समय पर हस्तक्षेप के महत्व को उजागर करते हैं। अब इस मासूम बछड़े को जीवन जीने का दूसरा मौका मिला है।

वहीं पशु चिकित्सा सेवाओं के उप निदेशक, डॉ. एस. इलियाराजा ने बताया कि इतनी छोटी उम्र में बछड़े की प्रतिरक्षा प्रणाली बेहद कमजोर होती है, जिससे वह संक्रमण और निर्जलीकरण के प्रति संवेदनशील रहता है। इसलिए टीम उसकी सेहत पर विशेष नज़र रख रही है और मां के दूध के अनुरूप स्पेशल फॉर्मूला दिया जा रहा है।

नीलगाय या ब्लू बुल भारत का सबसे बड़ा एशियाई मृग है। शिकार, आवास विनाश, दुर्घटनाएं और मानव-वन्यजीव संघर्ष इसकी संख्या पर लगातार खतरा बने हुए हैं।

SP_Singh AURGURU Editor