आगरा में गुर्दा रोगी को थाने के मुंशी ने इतना पीटा कि कान का पर्दा फट गया, हवालात में डाला

आगरा। पुलिसिया टॉर्चर की एक शर्मनाक घटना में, थाना ट्रांस यमुना में तैनात एक मुंशी ने किडनी रोग से पीड़ित एक व्यक्ति को थाने में पीट-पीटकर घायल कर दिया, यहां तक कि उसके कान का पर्दा तक फट गया। पीड़ित की हालत बिगड़ने के बाद भी उसे तीन घंटे तक हवालात में बंद रखा गया। यह घटना पुलिसिया मनमानी का घिनौना उदाहरण बनकर सामने आई है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस कमिश्नर अब इस मामले की जांच करा रहे हैं।

Jul 21, 2025 - 22:09
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आगरा में गुर्दा रोगी को थाने के मुंशी ने इतना पीटा कि कान का पर्दा फट गया, हवालात में डाला
पीड़ित प्रवीण सारस्वत, जिसका थाने के मुंशी ने कान का पर्दा फाड़ दिया।

-स्टाफ की मामूली शिकायत पर थाने में बुलाया गया था पीड़ित 

-मुंशी राकेश ने किया बेरहमी से टॉर्चर, पुलिस कमिश्नर से शिकायत

पीड़ित प्रवीण कुमार सारस्वत, निवासी खंदौली (फिलहाल कालिंदी विहार), वृंदावन मलाई कुल्फी सेंटर नाम से दुकान चलाते हैं। 10 मई को दुकान पर काम करने वाले भोला, क्रश और आसिक से कहासुनी हुई, जिस पर तीनों थाना ट्रांस यमुना शिकायत करने पहुंच गए।

प्रवीण ने पुलिस कमिश्नर को दी शिकायत में बताया कि इस शिकायत पर ट्रांस यमुना थाने के मुंशी राकेश ने उन्हें थाने बुलाया। वे अपने परिचित कौशल गुप्ता के साथ पहुंचे, लेकिन बिना बात सुने मुंशी ने अचानक थप्पड़ मारना शुरू कर दिया जिससे वह नीचे गिर गया। इसके बाद मुंशी ने अपने जूते से प्रवीण के कान कान पर ठोकर मारी, जिससे कान का पर्दा फट गया।

बीमार होने की गुहार भी अनसुनी

प्रवीण बार-बार कहता रहा कि वह गुर्दा रोगी है, उसकी डायलिसिस चल रही है और वह ब्लड प्रेशर का मरीज भी है। लेकिन मुंशी ने उसे हवालात में डाल दिया। तीन घंटे बाद, जब हालत बिगड़ी, तो कौशल गुप्ता, सोनू चौहान और दीपक सिकरवार की मदद से उसे घर भेजा गया। बाद में कमला नगर में डॉक्टर से इलाज करवाया गया। प्रवीण ने पुलिस कमिश्नर को डॊक्टर के इलाज का पर्चा भी दिया है। इलाज अभी भी जारी है।

शिकायत पर भी मिली धमकी

जब प्रवीण मुंशी राकेश की शिकायत करने थाने पहुंचा, तो मुंशी राकेश व महिला सिपाहियों ने उसे भगा दिया। जब उसकी पत्नी गईं, तो उन्हें भी धमकाकर बाहर निकाल दिया गया।

अब पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर के दरबार में गुहार लगाई है। पुलिस कमिश्नर ने मामले की जांच शुरू करवा दी है। लेकिन यह घटना पुलिस अत्याचार के एक गंभीर उदाहरण के रूप में उभर रही है।

मानवाधिकारों को लेकर चर्चा में है थाना ट्रांस यमुना

ट्रांस यमुना थाने की यह घटना सिर्फ एक पीड़ित की नहीं है, बल्कि और भी ऐसे मामले सामने आते रहे हैं। अभी हाल ही में थाना पुलिस ने एक मकान पर अवैध कब्जा कराने की कोशिश की थी, जिसमें एक महिला छत से गिरकर घायल हो गई थी। इस मामले में आज ही चार पुलिसकर्मी डीसीपी ने सस्पेंड किए हैं। प्रवीण के साथ घटी घटना यह सवाल उठाती है कि थानों में नागरिकों के साथ इस तरह का अमानवीय बर्ताव कैसे हो सकता है, वो भी तब जब पीड़ित गंभीर बीमारी से जूझ रहा हो।

SP_Singh AURGURU Editor