पशु क्रूरता के मामलों में एफआईआर दर्ज नहीं करती आगरा पुलिस, कई थानों पर निष्क्रियता व दुर्व्यवहार के आरोप; एसपीसीए सदस्य की शिकायत पर डीसीपी सिटी से मिला कार्रवाई का आश्वासन

आगरा में पशु क्रूरता के मामलों को लेकर पुलिस की कथित निष्क्रियता अब शिकायत का रूप ले चुकी है। एस.पी.सी.ए. आगरा की सदस्य और कैस्पर्स होम ट्रस्ट की संचालिका श्रीमती विनीता अरोड़ा ने डीसीपी सिटी से सीधे हस्तक्षेप की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि थानों में न केवल एफआईआर दर्ज नहीं हो रही, बल्कि शिकायतकर्ताओं को दबाव और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है।

Apr 29, 2026 - 15:13
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पशु क्रूरता के मामलों में एफआईआर दर्ज नहीं करती आगरा पुलिस, कई थानों पर निष्क्रियता व दुर्व्यवहार के आरोप; एसपीसीए सदस्य की शिकायत पर डीसीपी सिटी से मिला कार्रवाई का आश्वासन
डीसीपी सिटी से मुलाकात करने पहुंचे एसपीसीए के सदस्य।

पुलिस पर गंभीर आरोप, चार मामले दबाने का दावा

श्रीमती विनीता अरोड़ा ने डीसीपी सिटी से मुलाकार कर शिकायती पत्र दिया, जिसमें स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि थाना एत्मादुद्दौला, सिकंदरा और न्यू आगरा क्षेत्र में पशु क्रूरता के कम से कम चार गंभीर मामलों में पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि एसपीसीए और नगर निगम की ओर से दिए गए आधिकारिक आवेदनों के बावजूद मामलों को या तो लंबित रखा गया या शिकायतकर्ताओं पर दबाव बनाकर वापस करवा दिया गया।

वरिष्ठ सदस्य से दुर्व्यवहार, सहयोग से इनकार

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि थाना एत्मादुद्दौला के प्रभारी द्वारा उनके (60 वर्षीय वरिष्ठ सदस्य विनीता अरोड़ा) के साथ कथित तौर पर अशिष्ट व्यवहार किया गया। आरोप है कि पिल्ले को जलाने और घायल पालतू कुत्ते को जंगल में फेंकने जैसे गंभीर मामलों में भी पुलिस ने सहयोग करने से इनकार कर दिया, जिससे पशु संरक्षण कार्यकर्ताओं में आक्रोश है।

धमकी और दबाव के आरोप, 25 लोगों के साथ घेराव का दावा

सबसे गंभीर आरोप थाना प्रभारी धर्मेन्द्र यादव पर लगाए गए हैं, जिन पर 26 अप्रैल 2026 को हुए एक मामले में स्वयंसेवक को करीब 25 लोगों के साथ घेरकर केस वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप है। इस प्रकरण में पेटा, एसपीसीए और नगर निगम ने संयुक्त रूप से हस्तक्षेप किया था।

शहर में बढ़ती अराजकता, पशु और कार्यकर्ता दोनों असुरक्षित

विनीता अरोड़ा ने कहा कि शहर में स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। नगर निगम के ड्राइवरों से मारपीट, एबीसी स्टाफ पर हमले, सामुदायिक कुत्तों को जबरन हटाना, पालतू कुत्तों को जंगल में छोड़ना और फीडर्स को प्रताड़ित करने जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इससे न केवल पशु, बल्कि उनके संरक्षण में लगे लोग भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

कार्रवाई की मांग, पुलिस-एसपीसीए समन्वय की जरूरत

उन्होंने साफ शब्दों में मांग की कि थाना प्रभारी धर्मेन्द्र यादव के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी कहा कि पुलिस को एसपीसीए और नगर निगम के साथ समन्वय बनाकर काम करना चाहिए, न कि पशु क्रूरता के मामलों को दबाने का माध्यम बनना चाहिए।

डीसीपी सिटी का आश्वासन, सभी मामलों के निस्तारण की बात

शिकायत के बाद डीसीपी सिटी ने आश्वासन दिया है कि जिन-जिन थानों में पशु क्रूरता के मामले लंबित हैं, उनका संज्ञान लेते हुए शीघ्र निस्तारण किया जाएगा। हालांकि, अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि यह आश्वासन जमीन पर कितना उतरता है।

इस दौरान विनीता अरोड़ा ने चेतावनी देते हुए कहा कि आज जानवरों पर हिंसा हो रही है। यदि इसे नहीं रोका गया तो कल इंसानों पर भी होगी। रोकथाम इलाज से बेहतर है। पुलिस की उदासीनता से शहर में गुंडाराज स्थापित हो जाएगा।”

इस दौरान जितेंद्र दायपुरिया (विशिष्ट सदस्य, एसपीसीए), विशाल सैनी, अपूर्व शर्मा और अनिरुद्ध तोमर भी मौजूद रहे। पत्र की प्रतिलिपि डीएम आगरा और सीवीओ आगरा को भी भेजी गई है।

SP_Singh AURGURU Editor