जल्द खुल सकता है होर्मुज,  ट्रंप को ईरान ने खुद बताया, कहा- ईरान ढहने के कगार पर

ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने खुद होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द से जल्द खोलने की इच्छा जताई है क्योंकि वह अंदरूनी तौर पर ढहने की कगार पर है। वहीं अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने सकारात्मक संकेत देते हुए कहा है कि जहाजों की आवाजाही शुरू करने के लिए पूरी समुद्री सुरंगें हटाने की जरूरत नहीं है, बल्कि एक सुरक्षित 'पाथवे' बनाकर काम शुरू किया जा सकता है।

Apr 28, 2026 - 21:09
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जल्द खुल सकता है होर्मुज,  ट्रंप को ईरान ने खुद बताया, कहा- ईरान ढहने के कगार पर

तेहरान। होर्मुज पर लगे दो-तरफा ब्लॉकेड ने दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़कर रख दी है। ईरान-अमेरिका की बातचीत चल तो रही है लेकिन बात बन ही नहीं पा रही है। सब एक-टक लगाए होर्मुज के खुलने का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच जो खबर आ रही है, इससे लगता है कि होर्मुज बस खुलने ही वाला है। ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी ईरान से डायरेक्ट बात हो रही है, जो कल तक नामुमकिन लग रहा था। ट्रंप ने आगे बताया है कि होर्मुज खोलने को लेकर ईरान ने खुद सामने से कदम आगे बढ़ाया है। इसके साथ ही होर्मुज में बिछी माइन्स को लेकर भी गुड-न्यूज मिली है।
 
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि ईरान ने उन्हें खुद जानकारी दी है कि वो ‘पूरी तरह ढहने’ की स्थिति में पहुंच गया है। ट्रंप के मुताबिक, ईरानी प्रशासन अपनी ‘लीडरशिप प्रॉब्लम’ में उलझा है और उसकी आर्थिक हालत गिरती जा रही है। इन सब वजहों से अब ईरान, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जल्द से जल्द खुलवाना चाहता है। ट्रंप ने तंज भरे अंदाज में इशारा किया है कि अब गेंद पूरी तरह अमेरिका के पाले में है और ईरान अपनी जिद छोड़कर बातचीत की मेज पर आने को मजबूर हो गया है।

होर्मुज के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा ईरान द्वारा बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगें थीं। विशेषज्ञों का मानना था कि पूरे रास्ते को साफ करने में 6 महीने तक का समय लग सकता है लेकिन अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने मंगलवार को डबरोवनिक में एक ‘गुड-न्यूज’ दी। उन्होंने कहा कि जहाजों की आवाजाही शुरू करने के लिए समंदर से हर एक माइन को हटाना जरूरी नहीं है।

फरवरी के आखिर से होर्मुज बंद होने की वजह से दुनिया भर में डीजल, पेट्रोल और गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं। दुनिया का 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है। सप्लाई रुकने से न केवल एशिया बल्कि यूरोप और अमेरिका में भी हाहाकार मचा हुआ है। अमेरिका में नवंबर में होने वाले मिड-टर्म चुनाव से पहले ट्रंप प्रशासन के लिए तेल की कीमतें कम करना सबसे बड़ी चुनौती है। अब ‘पाथवे’ बनाने की रणनीति से हफ्तों के भीतर तेल की खेप निकलना शुरू हो सकती है।

ऊर्जा सचिव ने यह भी खुलासा किया कि ट्रंप प्रशासन जल्द ही ‘ऐतिहासिक पाइपलाइन समझौतों’ का ऐलान करने वाला है। इसे ट्रंप का ‘पीस पाइपलाइन एजेंडा’ कहा जा रहा है। इसके तहत अमेरिका से यूरोप को होने वाली तेल और गैस की सप्लाई को रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ाया जाएगा, ताकि रूस और ईरान जैसी ताकतों पर दुनिया की निर्भरता कम की जा सके।