सोशल मीडिया की पहचान बनी जाल, यूट्यूबर दंपत्ति पर 10 लाख ठगी का केस

आगरा के शाहगंज में एक कारोबारी ने यूट्यूबर दंपती पर 10 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। आरोप है कि दंपती ने नकली सोने के जेवर गिरवी रखकर रकम ली और बाद में टालमटोल करते रहे। जांच में जेवर नकली पाए गए। विरोध करने पर धमकी देने का भी आरोप है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सच्चाई सामने आने का इंतजार है।

Apr 29, 2026 - 13:35
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सोशल मीडिया की पहचान बनी जाल, यूट्यूबर  दंपत्ति पर 10 लाख ठगी का केस
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नकली जेवर से कारोबारी को बनाया शिकार

आगरा। आगरा के शाहगंज इलाके में एक कथित ठगी का मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां एक कारोबारी ने यूट्यूबर दंपत्ति  पर भरोसे का फायदा उठाकर 10 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। मामला सिर्फ पैसों का नहीं, बल्कि भरोसे के टूटने का भी बताया जा रहा है।

पीड़ित कारोबारी श्याम लाल आहूजा के अनुसार, उनकी पहचान इलाके में रहने वाले सुशील चावलानी और उनकी पत्नी से लंबे समय से थी। दोनों सोशल मीडिया और यूट्यूब पर सक्रिय हैं और परिवारों के बीच अच्छा मेलजोल था। इसी पुराने संबंध और आपसी विश्वास के चलते जब दंपत्ति ने आर्थिक मदद मांगी, तो उन्होंने बिना ज्यादा संदेह किए मदद कर दी। लेकिन यही भरोसा उनके लिए भारी पड़ गया।

नकली जेवर गिरवी रखकर ली मोटी रकम

आरोप है कि दंपत्ति ने सोने के जेवर गिरवी रखने के नाम पर 10 लाख रुपये लिए। शुरुआत में सब सामान्य लगा, लेकिन जब लंबे समय तक रकम वापस नहीं की गई, तो कारोबारी को शक होने लगा। बार-बार मांगने के बावजूद टालमटोल और बहानेबाजी जारी रही, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया।

जांच में खुला राज, नकली निकले जेवर

श्याम लाल आहूजा के मुताबिक 7 फरवरी 2026 को उन्होंने जेवरों की जांच एक सुनार से कराई। जांच में सामने आया कि जेवर असली नहीं बल्कि नकली हैं। यह खुलासा होते ही कारोबारी को ठगी का अहसास हुआ और मामला गंभीर मोड़ पर पहुंच गया।

विरोध करने पर धमकी का आरोप

पीड़ित का कहना है कि जब वह जवाब मांगने दंपत्ति के घर पहुंचे तो वहां विवाद हो गया। आरोप है कि दंपत्ति ने गाली-गलौज की और शिकायत करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। किसी तरह वह वहां से निकलकर सीधे पुलिस के पास पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई।

सुनियोजित ठगी या लेनदेन विवाद?

श्याम लाल आहूजा का दावा है कि यह कोई सामान्य लेनदेन का विवाद नहीं, बल्कि पूरी तरह से सुनियोजित ठगी है। उनका कहना है कि पहले भरोसा कायम किया गया और फिर नकली जेवर के जरिए बड़ी रकम हड़प ली गई।

पुलिस जांच में जुटी, हर एंगल से हो रही पड़ताल

मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। लेनदेन के दस्तावेज, जेवरों की असलियत और दोनों पक्षों के दावों की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि मामला धोखाधड़ी का है या आपसी लेनदेन का विवाद।