संपत्ति विवाद में सनसनी, मरे हुए शख्स को बना दिया आरोपी, साजिश का बड़ा खुलासा

आगरा के हरीपर्वत क्षेत्र में भाई-बहन के बीच संपत्ति विवाद ने गंभीर कानूनी रूप ले लिया है। राकेश कुमार ने अपनी बहन समेत कई लोगों पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने की साजिश का आरोप लगाया है। सबसे चौंकाने वाला दावा यह है कि कथित मारपीट मामले में एक ऐसे व्यक्ति को आरोपी बनाया गया, जिसकी घटना से पहले ही मौत हो चुकी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Apr 29, 2026 - 15:38
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संपत्ति विवाद में सनसनी, मरे हुए शख्स को बना दिया आरोपी, साजिश का बड़ा खुलासा
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आगरा। आगरा के हरीपर्वत क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां भाई-बहन के बीच संपत्ति विवाद अब गंभीर कानूनी लड़ाई का रूप ले चुका है। राकेश कुमार कुशवाह की शिकायत पर पुलिस ने उनकी बहन हेमलता कुशवाह समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उन्हें फंसाने के लिए सुनियोजित साजिश रची गई।

राकेश कुमार का कहना है कि संपत्ति को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा है और यह पहले भी हिंसक रूप ले चुका है। उनके मुताबिक, एक पुराने मामले में समझौते के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने समझौते से इनकार किया, तो उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकियां मिलने लगीं।

25 हजार लेकर ‘सेटलमेंट’ का आरोप

शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि आरोपियों ने 25 हजार रुपये लेकर समझौता कराने का दबाव बनाया। राकेश कुमार के अनुसार, जब उन्होंने यह रकम देने से मना किया, तो उनके खिलाफ एक नई कहानी गढ़ने की योजना बनाई गई।

कथित मारपीट की घटना गढ़ी गई, कोर्ट में दिया प्रार्थना पत्र

पीड़ित का कहना है कि 3 मई 2025 की एक कथित मारपीट की घटना दिखाकर अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। उनका आरोप है कि यह पूरी घटना काल्पनिक है और सिर्फ उन्हें कानूनी रूप से उलझाने के लिए तैयार की गई।

सबसे बड़ा खुलासा, मृत व्यक्ति को बना दिया आरोपी

इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू वह है, जिसे पीड़ित साजिश का सबसे बड़ा सबूत बता रहे हैं। शिकायत के अनुसार, जिस ओमप्रकाश कुशवाह को इस कथित घटना में आरोपी दिखाया गया, उनकी मौत 8 अप्रैल 2025 को हो चुकी थी, यानी घटना से करीब एक महीने पहले। राकेश कुमार का कहना है कि मृत व्यक्ति को आरोपी बनाना इस पूरे मामले की सच्चाई उजागर करता है। उन्होंने इस दावे के समर्थन में संबंधित दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे हैं।

मानसिक और कानूनी दबाव बनाने की साजिश का आरोप

पीड़ित ने आरोप लगाया है कि यह पूरा घटनाक्रम उन्हें मानसिक और कानूनी रूप से दबाव में लाने के लिए रचा गया। उनका कहना है कि फर्जी तथ्यों और दस्तावेजों के जरिए उन्हें फंसाने की कोशिश की गई, ताकि संपत्ति विवाद में बढ़त हासिल की जा सके।

पुलिस ने दर्ज किया केस, हर एंगल से जांच जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र, दस्तावेजों की सत्यता और लगाए गए आरोपों की हकीकत, सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, यदि जांच में फर्जी मुकदमा, दस्तावेजों में हेराफेरी या साजिश के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सभी पक्षों से पूछताछ और सबूतों की जांच जारी है।

रिश्तों से अदालत तक

भाई-बहन के रिश्ते से शुरू हुआ यह विवाद अब पुलिस, अदालत और कानूनी दांव-पेंच तक पहुंच चुका है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है, जिससे यह साफ होगा कि मामला वास्तव में फर्जी मुकदमे की साजिश है या संपत्ति विवाद से उपजा कानूनी संघर्ष।