जाम में कैद आगरा, जनता त्रस्त और प्रशासन बेपरवाह, सड़क पर उतरेगी समाजवादी पार्टी
आगरा। आगरा शहर में लगातार लग रहे भीषण जाम ने अब सामान्य समस्या नहीं, बल्कि महामारी का रूप ले लिया है। शहर की सड़कों पर घंटों फंसते वाहन, कराहती एंबुलेंस, समय से स्कूल न पहुंच पाते बच्चे और इलाज के लिए भटकते मरीज, यह सब आगरा की मौजूदा यातायात व्यवस्था की भयावह तस्वीर पेश कर रहे हैं। आम जनता का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है, लेकिन जिम्मेदार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी लोगों में गहरा आक्रोश पैदा कर रही है।
समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने इस स्थिति पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आगरा में जाम अब रोज़मर्रा की परेशानी नहीं, बल्कि जानलेवा संकट बन चुका है। ताजमहल क्षेत्र, यमुना किनारा, एमजी रोड और शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के बैरिकेडिंग, अव्यवस्थित डायवर्जन और बार-बार होने वाले सरकारी व गैर-सरकारी आयोजनों ने पूरे शहर को जाम के हवाले कर दिया है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने दो-तीन प्रमुख सड़कों पर पूरे शहर का यातायात बोझ डाल दिया है, जिससे हर दिशा में जाम की स्थिति बन रही है। इसका सीधा खामियाजा आगरा की जनता भुगत रही है। शब्बीर अब्बास ने कहा कि जाम के कारण अब लोगों की जान तक जा रही है, जो बेहद गंभीर और शर्मनाक स्थिति है।
सपा महानगर अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लेकर जनजागरण अभियान चला रही है, ताकि प्रशासन की नींद टूटे। यदि इसके बावजूद यातायात व्यवस्था में तत्काल और स्थायी सुधार नहीं किया गया, तो समाजवादी पार्टी महानगर आगरा बड़े और आक्रामक आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि आगरा की जनता की सुरक्षा, सुविधा और जीवन के अधिकार की रक्षा के लिए होगा। अब आगरा और चुप नहीं बैठेगा। जाम के खिलाफ निर्णायक संघर्ष तय है और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
गंभीर यातायात समस्या को लेकर समाजवादी पार्टी महानगर के कैंप कार्यालय पर एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में पुष्पेंद्र शर्मा, अमित प्रताप, समीर अब्बास, विजय ठाकुर, प्रबल यादव, नासिर अब्बास, जाकिर खान, रिजवान मास्टर, मुजाहिद कुरैशी, जमील सिद्दीकी, मुन्नू यादव सहित कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि आगरा की जनता को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष किया जाएगा।