आगरा में आचार्य निर्भयसागर के सान्निध्य में 250 बच्चों ने सीखे धर्म, विनम्रता और पर्यावरण संरक्षण के पाठ, अष्ट द्रव्यों से हुआ पूजन, मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, वृक्षारोपण के साथ दिया आदर्श जीवन का संदेश

आगरा। वैज्ञानिक संत आचार्यश्री निर्भयसागर महाराज ससंघ के मंगलमय सान्निध्य में रविवार को श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर स्थित आचार्य विद्यासागर संत निलय, डी-ब्लॉक कमला नगर में भव्य पाठशाला नैतिक एवं धार्मिक मोटिवेशनल सत्र का आयोजन श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में नगर की विभिन्न जैन पाठशालाओं से आए लगभग 250 विद्यार्थियों, शिक्षकों, व्यवस्थापकों और श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्म, संस्कार एवं नैतिक मूल्यों के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

Jun 7, 2026 - 18:56
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आगरा में आचार्य निर्भयसागर के सान्निध्य में 250 बच्चों ने सीखे धर्म, विनम्रता और पर्यावरण संरक्षण के पाठ, अष्ट द्रव्यों से हुआ पूजन, मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, वृक्षारोपण के साथ दिया आदर्श जीवन का संदेश
श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर स्थित आचार्य विद्यासागर संत निलय, कमला नगर में आयोजित पाठशाला एवं मोटिवेशनल सत्र में अष्ट द्रव्यों से आचार्यश्री का पूजन करते बच्चे।

कार्यक्रम में सेक्टर-7 कमला नगर, शालीमार एन्क्लेव, कर्मयोगी एन्क्लेव, छीपीटोला, ताजगंज, कालिंदी विहार, ट्रांसयमुना कॉलोनी, बेलनगंज और मोती कटरा सहित नगर की विभिन्न जैन पाठशालाओं के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण एवं आचार्यश्री के पावन सान्निध्य में हुआ।

इस अवसर पर पाठशाला के बच्चों ने अष्ट द्रव्यों की आकर्षक थाल सजाकर आचार्यश्री निर्भयसागर महाराज का विधि-विधानपूर्वक पूजन किया। बच्चों की धार्मिक भावना, अनुशासन और संस्कारयुक्त प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। सौभाग्यशाली श्रद्धालुओं द्वारा आचार्यश्री के चरणों का प्रक्षालन किया गया तथा श्रद्धापूर्वक शास्त्र भेंट कर उनका मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया गया।

सत्र के दौरान बच्चों ने धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जबकि प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त सभी पाठशालाओं के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं सहयोगियों को भी सम्मान स्वरूप पुरस्कार एवं उपहार प्रदान किए गए। सम्मान समारोह के दौरान बच्चों के चेहरों पर प्रसन्नता और आत्मविश्वास स्पष्ट दिखाई दे रहा था।

अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में आचार्यश्री निर्भयसागर महाराज ने रावण के चरित्र का उल्लेख करते हुए कहा कि ज्ञान, शक्ति और वैभव तभी सार्थक हैं जब उनके साथ विनम्रता और संयम भी हो। उन्होंने कहा कि रावण अत्यंत विद्वान, शक्तिशाली और तपस्वी था, लेकिन अहंकार और कषायों ने उसके व्यक्तित्व को नष्ट कर दिया। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में धर्म, संस्कार, सदाचार, संयम और विनम्रता को स्थान देना चाहिए।

आचार्यश्री ने बच्चों को माता-पिता एवं गुरुओं के प्रति सम्मान का भाव रखने तथा नैतिक मूल्यों के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि पाठशालाएं केवल धार्मिक शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला हैं। यहां प्राप्त संस्कार जीवनभर मनुष्य का मार्गदर्शन करते हैं और उसे आदर्श नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।

कार्यक्रम के उपरांत भारतीय जैन संगठन जिला आगरा द्वारा वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान भी चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत बच्चों के साथ पौधारोपण किया गया तथा सहभागी पाठशालाओं को पौधे भेंट किए गए। बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।

पूरे आयोजन के दौरान धर्म, संस्कार, सेवा और पर्यावरण संरक्षण का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। कार्यक्रम का सफल संचालन मनोज बाकलीवाल ने किया।

इस अवसर पर प्रदीप जैन पीएनसी, अभिनंदन जैन, मनोज जैन बाकलीवाल, जगदीश प्रसाद जैन, नरेश जैन, यशपाल जैन, सुभाष जैन, अनिल जैन, शैलेंद्र जैन, अंकेश जैन, अमित जैन चांदी, मंशु जैन, अंकित जैन, शुभम जैन, रेनू जैन, रश्मि गोयल, ईशु जैन सहित ग्रेटर कमला नगर जैन समाज के अनेक गणमान्य सदस्य एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor