आगरा के युवा पुस्तकालयाध्यक्ष शिवम पचौरी को दिल्ली में मिला राष्ट्रीय सम्मान

दिल्ली में आयोजित ‘नेशनल एजुकेशन अवार्ड सेरेमनी’ में आगरा निवासी और संस्कृति विश्वविद्यालय के युवा पुस्तकालयाध्यक्ष शिवम पचौरी को शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन नेशनल एजुकेशन अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। समारोह में वरिष्ठ समाजसेवी रासबिहारी कायत ने उन्हें स्मृति चिन्ह और पदक प्रदान किया। इस उपलब्धि पर शिक्षा जगत और शहरवासियों ने खुशी जताई है।

May 8, 2026 - 16:21
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आगरा के युवा पुस्तकालयाध्यक्ष शिवम पचौरी को दिल्ली में मिला राष्ट्रीय सम्मान
आगरा के शिवम को सम्मानित करते अतिथि।

आगरा। राजधानी दिल्ली में आयोजित समारोह में आगरा के युवा पुस्तकालयाध्यक्ष शिवम पचौरी को शिक्षा और अकादमिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन नेशनल एजुकेशन अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें वैलरेड फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘नेशनल एजुकेशन अवार्ड सेरेमनी’ के दौरान प्रदान किया गया।

समारोह में देशभर से शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रतिभाशाली शिक्षकों, शिक्षाविदों और अकादमिक विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर शिवम पचौरी की उपलब्धि ने आगरा और संस्कृति विश्वविद्यालय दोनों का गौरव बढ़ाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी रासबिहारी कायत ने शिवम पचौरी को स्मृति चिन्ह, पदक और सम्मान पत्र प्रदान किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी यदि शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में इसी समर्पण के साथ आगे बढ़ती रही, तो देश का भविष्य और अधिक उज्ज्वल होगा।

सम्मान प्राप्त करने के बाद शिवम पचौरी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके शिक्षकों, अभिभावकों और सहयोगियों के आशीर्वाद व मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने विशेष रूप से संस्कृति विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. सचिन गुप्ता का आभार जताया और कहा कि उनके मार्गदर्शन और प्रेरणा ने उन्हें लगातार बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। शिवम ने कहा कि यह सम्मान उन्हें शिक्षा और पुस्तकालय सेवा के क्षेत्र में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा।

समारोह में मौजूद शिक्षाविदों और गणमान्य नागरिकों ने शिवम पचौरी की उपलब्धि को प्रेरणादायक बताते हुए उनकी सराहना की। आगरा के शिक्षा जगत में भी इस सम्मान को लेकर खुशी का माहौल है। शहर के कई शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने इसे युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।