एयर इंडिया पर 1 करोड़ का जुर्माना, डीजीसीए ने लगाई फटकार, कहा- जनता के भरोसे को और कम किया
एयर इंडिया पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा है। एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने इसे लगाया है। एक एयरबस विमान को एयरवर्थनेस परमिट के बिना 8 बार उड़ाने के चलते इसे लगाया गया। डीजीसीए ने इस पर सख्त नाराजगी जाहिर की। उसने एयरलाइन पर जुर्माना लगाकर खूब फटकार लगाई है।
नई दिल्ली। विमानन नियामक डीजीसीए ने एयर इंडिया पर 1,10,350 अमेरिकी डॉलर (लगभग 1 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना एक एयरबस विमान को एयरवर्थनेस परमिट के बिना आठ बार उड़ाने के कारण लगाया गया है। नियामक ने कहा कि इस चूक ने देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन में जनता के विश्वास को और कम कर दिया है।
यह घटना 24 से 25 नवंबर के बीच हुई थी। एक एयरबस ए320 विमान ने दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद के बीच यात्रियों को उड़ाया। ये उड़ानें एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (एआरसी) के बिना ऑपरेट की गईं। एआरसी एक महत्वपूर्ण परमिट है जो नियामक की ओर से विमान के सुरक्षा और अनुपालन जांच पास करने के बाद सालाना जारी किया जाता है।
रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया की अपनी आंतरिक जांच में 'प्रणालीगत विफलताएं' पाई गईं। एयरलाइन ने यह भी स्वीकार किया कि कैरियर में कम्प्लायंस कल्चर को बेहतर बनाने की तत्काल जरूरत है।
भारतीय अधिकारियों ने 5 फरवरी को एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन को इस बारे में एक गोपनीय पेनाल्टी ऑर्डर जारी किए। आदेश में कहा गया है कि इस घटना ने सार्वजनिक विश्वास को और कम कर दिया है। संस्थान के सिक्योरिटी कम्प्लायंस पर प्रतिकूल असर डाला है।
संयुक्त महानिदेशक नागरिक उड्डयन मनीष कुमार ने आदेश में विल्सन का जिक्र करते हुए लिखा, 'एयर इंडिया की ओर से जवाबदेह प्रबंधक चूक के लिए दोषी पाया गया है।'
एयर इंडिया ने रॉयटर्स की पूछताछ का जवाब नहीं दिया। एयरलाइन से 30 दिनों के भीतर 1 करोड़ रुपये या 110,339 अमेरिकी डॉलर जमा करने को कहा गया है। एयर इंडिया को पिछले साल जून में अपने सबसे बड़े हादसे का सामना करना पड़ा था, जब एक बोइंग ड्रीमलाइनर उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें 260 लोगों की मौत हो गई थी।
एयर इंडिया की ओर से एयरबस घटना की जांच में पायलटों को भी दोषी ठहराया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, जिन पायलटों ने आठ उड़ानें भरी थीं, उन्होंने उड़ान भरने से पहले स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का पालन नहीं किया था।
एयर इंडिया भारत के टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस के स्वामित्व वाला वेंचर है। इसे नियामक से चेतावनियां भी मिली हैं। ये चेतावनियां आपातकालीन उपकरणों की जांच किए बिना विमान चलाने और अन्य ऑडिट चूक के लिए थीं।
यह घटना एयर इंडिया के लिए एक और झटका है, जो पहले से ही वित्तीय और परिचालन चुनौतियों का सामना कर रही है। नियामक की कार्रवाई एयरलाइन पर अनुपालन और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए दबाव बढ़ाती है। इस मामले में एयर इंडिया की चूक ने न केवल नियामक की नजरों में उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि यात्रियों के बीच भी चिंता पैदा की है।