अखिलेश को घुसपैठियों के बाहर होने का डर, इसलिए कर रहे एसआईआर का विरोधः सुरेश खन्ना
-राजीव शर्मा- शाहजहांपुर। प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एसआईआर (स्पेशल इंटेन्सिव रिवीजन) को लेकर अखिलेश यादव इसलिए परेशान हैं क्योंकि अब मतदाता सूची में घुसपैठियों और फर्जी वोटरों को बाहर कर दिया जाएगा। चार नवंबर से शुरू हो रहे इस अभियान से उनकी राजनीतिक ज़मीन खिसकने वाली है, इसलिए वे जातीय राजनीति और प्रोपेगंडा का सहारा लेकर चुनाव आयोग पर दबाव बनाना चाहते हैं।
खन्ना ने शनिवार को सपा नेता अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अखिलेश यादव जातिवादी राजनीति को बढ़ावा देकर घुसपैठियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव एसआईआर में जाति का कॉलम जोड़ने की बात कर रहे हैं, ताकि प्रक्रिया में व्यवधान डाला जा सके। मगर वे इसमें सफल नहीं होंगे।
वित्त मंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा चार नवंबर से एसआईआर अभियान शुरू करने की घोषणा हो चुकी है। यह बेहद आवश्यक कदम है ताकि मतदाता सूची से मृतक, फर्जी और स्थानांतरित लोगों के नाम हटाए जा सकें। अखिलेश को इस बात का डर सता रहा है कि उनके परंपरागत वोटर, जिनमें बड़ी संख्या में घुसपैठिए भी हैं, अब सूची से बाहर हो जाएंगे।
आरएसएस पर देशभक्ति की मिसाल, सिमी-पीएफआई प्रेमी हैं अखिलेश
खन्ना ने कहा कि आरएसएस देशभक्तों का संगठन है, जिसने हर संकट में देश की सेवा की है। अखिलेश यादव को इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं है। वे सिमी और पीएफआई जैसे संगठनों के प्रति प्रेम दिखाते हैं। उनकी सरकार में आतंकवादियों के दर्जनों मुकदमे वापस लेने की कोशिश की गई थी।
उन्होंने याद दिलाया कि जब यह मामला हाईकोर्ट में गया, तब कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि आज इन आतंकवादियों के मुकदमे वापस ले रहे हैं, कल इन्हें पद्मश्री दे देंगे।
एनडीए सरकार किसानों के हित में काम कर रही
खन्ना ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की एनडीए सरकार किसानों के हित में निरंतर काम कर रही है। हमने गन्ना किसानों के कर्ज माफ किए हैं और गन्ने का मूल्य 30 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया है। ऐसे में अखिलेश का आरोप सरासर गलत और भ्रामक है, उन्होंने कहा।
अंत में उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की राजनीति अब कुछ चाटुकारों तक सीमित हो गई है। जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया है, अब उनके सत्ता में लौटने की कोई संभावना नहीं बची।