सरकारी स्कूल का कमाल: बिना ट्यूशन-कोचिंग बेटियों ने रचा शत-प्रतिशत सफलता का इतिहास
बरेली। जिन सरकारी स्कूलों को अक्सर उपेक्षा की नजर से देखा जाता है, बरेली के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय, मनौना (आंवला) ने उस धारणा को गलत साबित कर दिया है। बिना किसी कोचिंग या ट्यूशन के, इस विद्यालय की छात्राओं ने हाई स्कूल और इंटरमीडिएट में शत-प्रतिशत सफलता हासिल की है।
सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध इस आवासीय विद्यालय का संचालन उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग करता है। प्रधानाचार्या शिक्षा ने बताया कि यहां छात्राओं पर शिक्षिकाओं की कड़ी निगरानी रहती है और कमजोर छात्राओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा, हमारे स्कूल में कोचिंग और ट्यूशन की कोई परंपरा नहीं है। शिक्षिकाओं की जिम्मेदारी है कि उनके विषय का परीक्षाफल 100% हो।
जिला समाज कल्याण अधिकारी शेखर दीक्षित ने जानकारी दी कि मनौना और गोपालपुर स्थित दोनों सर्वोदय बालिका विद्यालयों का परीक्षा परिणाम सौ प्रतिशत रहा। उन्होंने बताया कि अधिकांश छात्राएं ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं और इनकी सफलता सामाजिक बदलाव की मिसाल है।
इंटरमीडिएट की टॉपर्स
-राधा – 91.8% (प्रथम)
-शालिनी – 82.8% (द्वितीय)
-तारा देवी – 82% (तृतीय)
-ज्योति देवी – 76% (चतुर्थ)
-मोनी – 72.8% (पांचवां)
हाई स्कूल की टॉपर्स
-घुमी कुमारी – 75.8% (प्रथम)
-गार्गी – 75% (द्वितीय)
-ज्योति – 73.2% (तृतीय)
-सुनीता – 68.4% (चतुर्थ)
-प्रगति – 67.2% (पांचवां)
रिजल्ट के दिन विद्यालय में उत्सव जैसा माहौल था। टॉप करने वाली छात्राओं और उनके अभिभावकों को बुलाकर सम्मानित किया गया, जिसमें अभिभावक भी भावुक और गर्वित नजर आए। यह स्कूल उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह के विधान सभा क्षेत्र में है। मंत्री श्री सिंह को जब विद्यालय की इस उपलब्धि के बारे में जानकारी मिले तो वे भी वहां पहुंचे और प्रिंसिपल, शिक्षिकाओं तथा छात्राओं को बधाई दी।
प्रधानाचार्या ने यह भी संकल्प लिया कि अगली बार छात्राओं के अंक प्रतिशत में और सुधार किया जाएगा। यह उपलब्धि बताती है कि यदि सरकारी विद्यालयों में ईमानदारी से शिक्षा दी जाए, तो परिणाम निजी स्कूलों से कहीं बेहतर हो सकते हैं।