आंबेडकर विश्वविद्यालय में ‘ओपन क्लास’ की शुरुआत: ज्ञान, सृजनशीलता और स्वावलंबन का कदम
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में आज शिक्षा के नए अध्याय की शुरुआत हुई। विवि की कुलपति प्रो. आशु रानी ने गुरुवार को ओपन क्लास कार्यक्रम का शुभारंभ कर छात्रों के समग्र विकास की दिशा में एक अभिनव पहल की नींव रखी।
अब तक छात्र जहां केवल निर्धारित पाठ्यक्रम तक सीमित रहते थे, वहीं इस नई पहल के तहत उन्हें सिलेबस से बाहर समसामयिक, सामाजिक और वैचारिक विषयों पर व्याख्यान सुनने का अवसर मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य छात्रों की सोच का दायरा विस्तृत करना, उनमें सृजनशीलता और सामाजिक चेतना का विकास करना तथा उन्हें व्यक्तित्व एवं दृष्टिकोण से परिपक्व बनाना है।
कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा, हम केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। उन्होंने छात्रों को आत्मनिर्भरता, नवाचार और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
पहली ओपन क्लास का विषय था- स्वदेशी, स्वावलंबन एवं समृद्धि, जिसमें वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रमोद सिंह चौहान मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने कहा कि स्वदेशी अपनाना ही सच्चे अर्थों में राष्ट्र की समृद्धि का मार्ग है। भारत की प्राचीन आर्थिक शक्ति और आधुनिक स्टार्टअप संस्कृति के उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने युवाओं को स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर होने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में पर्यटन एवं होटल प्रबंधन संस्थान के वरिष्ठ प्रोफेसर लवकुश मिश्रा की पुस्तक “इंट्रोडक्शन टू टूरिज्म स्टडीज” का विमोचन भी किया गया, जिसका प्रकाशन निखिल प्रकाशन, आगरा से हुआ है।
प्रो. मिश्रा ने कहा कि ओपन क्लासेज छात्रों को ‘आउट ऑफ बॉक्स’ सोचने की प्रेरणा देंगी और उनके व्यक्तित्व विकास में मील का पत्थर साबित होंगी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. वाई. अपर्णा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन अमित साहू ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के फैकल्टी सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
यह ओपन क्लास न केवल समग्र शिक्षा दृष्टिकोण की दिशा में प्रेरणादायक पहल साबित होगी, बल्कि छात्रों में नई सोच, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रनिर्माण की भावना का संचार भी करेगी।