अप्सा फिएस्टाः कोलाज प्रतियोगिता में रंगों और विचारों से झलकी छात्रों की रचनात्मक उड़ान
आगरा। रचनात्मकता जब कल्पनाशक्ति से मिलती है, तो दृश्य बनता है कुछ ऐसा, जहां रंग बोलते हैं और विचार आकार लेते हैं। प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल के अप्सा फिएस्टा 2025 में आयोजित कोलाज प्रतियोगिता में यही नज़ारा देखने को मिला, जब 26 विद्यालयों के करीब 300 छात्रों ने सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों पर अपनी कला से मन मोह लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की शिक्षिका पायल गर्ग द्वारा प्रतियोगिता की श्रेणियों एवं नियमों की जानकारी देकर किया गया। प्रतियोगिता को तीन वर्गों में विभाजित किया गया- कनिष्ठ वर्ग (सड़क सुरक्षा), पूर्व-वरिष्ठ वर्ग (युद्ध एवं शांति) और वरिष्ठ वर्ग (विविधता में एकता), जिनके माध्यम से प्रतिभागियों ने सामाजिक, राष्ट्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपनी सोच को कलात्मक अभिव्यक्ति दी।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. नीलम कांत (विभागाध्यक्ष, चित्रकला विभाग, बी.डी. जैन कन्या महाविद्यालय), डॉ. त्रिलोक कुमार शर्मा (भूतपूर्व मुख्य चित्रकार, एस.एन. मेडिकल कॉलेज) तथा डॉ. मीना कुमारी (विभागाध्यक्ष, आगरा कॉलेज) द्वारा किया गया। निर्णायकों ने छात्रों की रचनात्मकता की भूरि-भूरि सराहना की और विजेताओं की घोषणा की।
ये विद्यालय रहे विजेताः कनिष्ठ वर्ग (थीम: सड़क सुरक्षा)
प्रथम स्थान: सेंट सी.एफ. एंड्रयूज स्कूल।
द्वितीय स्थान: ऑल सेंट्स स्कूल, खंदारी।
तृतीय स्थान: माही इंटरनेशनल स्कूल।
प्रथम सांत्वना पुरस्कार: गायत्री पब्लिक स्कूल, यूनिट दो।
द्वितीय सांत्वना पुरस्कार: सनफ्लावर पब्लिक स्कूल।
पूर्व-वरिष्ठ वर्ग (थीम: युद्ध एवं शांति)
प्रथम स्थान: सिंबॉयजिया स्कूल
द्वितीय स्थान (संयुक्त): सेंट सी.एफ. एंड्रयूज स्कूल व कर्नल्स ब्राइटलैंड पब्लिक स्कूल
तृतीय स्थान: ऑल सेंट्स स्कूल
प्रथम सांत्वना पुरस्कार: जी.सी. गोयल इंटरनेशनल स्कूल
द्वितीय सांत्वना पुरस्कार (संयुक्त): एस.एस. कॉन्वेंट स्कूल, माही इंटरनेशनल स्कूल, सेंट एंड्रयूज स्कूल (यूनिट चार)
वरिष्ठ वर्ग (थीम: विविधता में एकता)
प्रथम स्थान: सेंट सी.एफ. एंड्रयूज स्कूल
द्वितीय स्थान: ऑल सेंट्स स्कूल, शमशाबाद
तृतीय स्थान: दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल
प्रथम सांत्वना पुरस्कार: सेंट एंड्रयूज पब्लिक स्कूल, कमला नगर
द्वितीय सांत्वना पुरस्कार: कर्नल्स ब्राइटलैंड पब्लिक स्कूल
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता ने सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति नहीं, आत्मविश्वास और सहयोग की पाठशाला है। स्वयं पर विश्वास रखें और दूसरों के कार्य की सराहना करना सीखें।
कार्यक्रम की सफलता में अरविंद श्रीवास्तव, डॉ. रश्मि गांधी, अर्पणा सक्सेना, डॉ. सुनीता शर्मा, मोनिका सिंह, नरेंद्र कुशवाह, गीता चतुर्वेदी व पूजा गुप्ता का योगदान रहा।