नए आयकर विधेयक में धोखाधड़ी रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा- प्रधान आयकर आयुक्त

आगरा। प्रधान आयकर आयुक्त अनुपम कांत गर्ग ने गुरुवार को कहा कि नए आयकर विधेयक 2025 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा एनालिटिक्स का प्रयोग कर टैक्स धोखाधड़ी की पहचान की जाएगी। उन्होंने कहा कि नया विधेयक 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जो करदाता और विभाग के बीच आमने-सामने की जरूरत को खत्म कर देगा और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन व उत्तरदायी होगी।

May 29, 2025 - 20:29
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नए आयकर विधेयक में धोखाधड़ी रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा- प्रधान आयकर आयुक्त
आगरा में आईसीएआई शाखा द्वारा आयोजित सेमिनार में बोलते विशिष्ट अतिथि पूरन डावर। मंचस्थ हैं प्रधान आयकर आयुक्त अनुपम कांत गर्ग व अन्य विशिष्ट अतिथि।

-आईसीएआई आगरा शाखा के सेमिनार में नए टैक्स बिल 2025 पर विशेषज्ञों का मंथन

यह विचार दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की आगरा शाखा द्वारा आयोजित एक दिवसीय सेमिनार में व्यक्त किए गए। सेमिनार का आयोजन होटल हॉलिडे इन, हरीपर्वत में किया गया, जिसमें दो सत्रों के माध्यम से नए आयकर विधेयक 2025 बनाम पुराने आयकर अधिनियम 1961 पर विशेषज्ञों ने गहन चर्चा की।

AI, पारदर्शिता और स्टार्टअप-फ्रेंडली टैक्स प्रणाली

प्रधान आयकर आयुक्त अनुपम गर्ग ने कहा कि नई प्रणाली में रिस्क-बेस्ड स्क्रूटनी, रिफंड, फॉर्म, नोटिस और शिकायतें एकल पोर्टल पर होंगी। स्टार्टअप्स और लघु उद्यमियों को इसमें विशेष सुविधा दी जाएगी। यह कराधान प्रणाली को पारदर्शी और कम जटिल बनाएगी।

 व्यापारियों के लिए सख्त जिम्मेदारी

सीए अभय छाजेड़ ने कहा कि अब गैर-कॉरपोरेट व्यापारी भी कॉरपोरेट शैली में वित्तीय विवरण प्रस्तुत करने को बाध्य होंगे। खातों को 8 वर्षों तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। सीए जय छैरा ने सीए की भूमिका को क्लाइंट की नींद का रखवाला बताते हुए वर्क-लाइफ बैलेंस पर जोर दिया।

टैक्स भुगतान में देरी पर ब्याज की चेतावनी

सीए विवेक गोयल ने जानकारी दी कि आईटीआर की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर की गई है, लेकिन टैक्स जमा नहीं होने की स्थिति में सितंबर तक ब्याज जुड़ता रहेगा, इसलिए समय पर तैयारी जरूरी है।

आगरा को जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्टेट बेंच

एफसीए एडवोकेट ब्रिजेश वर्मा ने बताया कि जीएसटी विवादों के त्वरित समाधान के लिए जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण की स्थापना की गई है। आगरा को स्टेट बेंच प्राप्त हुई है, जो कोर्ट के समकक्ष दर्जा रखेगी और दो सदस्यीय बेंच द्वारा संचालित होगी। अपील के लिए 3 महीने की समयसीमा, 5,000 से 25,000 रुपये फीस और 10% टैक्स का प्री-डिपॉजिट अनिवार्य रहेगा।

मंचासीन गणमान्य व उद्घाटन

सेमिनार में मुख्य अतिथि प्रधान आयकर आयुक्त अनुपम कांत गर्ग के अलावा विशिष्ट अतिथि फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग विकास परिषद के चेयरमैन पूरन डावर, कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन अध्यक्ष भुवेश अग्रवाल, अतिथि वक्ता सीए जय छैरा (सूरत), सीए अभय छाजेड़ (भोपाल), एफसीए एडवोकेट ब्रिजेश वर्मा, सीए विवेक गोयल और आगरा शाखा अध्यक्ष सीए गौरव सिंघल मंचासीन थे। सभी अतितियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इनकी मौजूदगी उल्लेखनीय रही

कार्यक्रम का संचालन सीए परमिंदर कौर और सीए हर्ष गुप्ता ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सीए अंकित मित्तल (शाखा सचिव) ने किया। इस मौके पर शाखा अध्यक्ष सीए गौरव सिंघल, उपाध्यक्ष सीए सौरभ नारायण सक्सेना, कोषाध्यक्ष सीए करण पंजवानी, सिकासा अध्यक्ष सीए आयुष गोयल, सीए सचिन बूबना, सीए साक्षी विवेक जैन, सीए नितेश गुप्ता, सीए मुकेश गोयल, सीए अजय जैन, सीए दीपिका मित्तल, सीए प्रार्थना जालान, सीए दिव्या प्रेम गुल, सीए अनुराग बंसल सहित बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor