मेडिटेशन गुरु उपाध्याय श्री विहसंत सागर महाराज का ससंघ कलाकुंज मंदिर में मंगल प्रवेश, संयम, साधना और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने की सीख
आगरा। जैन धर्म के प्रख्यात मेडिटेशन गुरु उपाध्याय श्री विहसंत सागर जी महाराज ससंघ ने 30 जनवरी को ओल्ड ईदगाह स्थित जैन मंदिर से प्रातःकालीन मंगल विहार करते हुए श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, कलाकुंज मारूति स्टेट में मंगल प्रवेश किया। शीतलहर के बावजूद उपाध्याय श्री का शांत, संयमित और तपोमय विहार श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बना। मार्ग में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
कलाकुंज पहुंचने पर जैन समाज द्वारा उपाध्याय श्री ससंघ का भव्य, गरिमामय और श्रद्धापूर्ण स्वागत किया गया। मंगल प्रवेश के उपरांत मंदिर समिति के तत्वावधान में श्री भक्तामर महामंडल विधान का विधिवत आयोजन हुआ। विधान में वैदिक मंत्रोच्चारण, दीप प्रज्वलन एवं अर्घ्य समर्पण के माध्यम से भगवान आदिनाथ की भावपूर्ण आराधना की गई।
इस अवसर पर उपाध्याय श्री विहसंत सागर जी महाराज ने भगवान महावीर के दर्शन कर श्रद्धालुओं को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। अपने प्रवचन में उन्होंने संयम, साधना और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि धार्मिक अनुष्ठान मन की शुद्धि का माध्यम हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। कलाकुंज जैन समाज ने गुरुदेव को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
सायंकाल उपाध्याय श्री ससंघ ने कलाकुंज से अवधपुरी जैन मंदिर के लिए मंगल विहार किया, जहां श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम में रविंद्र जैन, आदित्य भगत, मुकेश भगत, मनोज जैन, अजय जैन, अजय मास्टर, विनय जैन, पंडित अंकित जैन, दीपचंद जैन, दीपक जैन, संयम जैन, प्रमोद जैन, शुभम जैन, रश्मि जैन सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी, समाज के गणमान्य नागरिक, महिलाएं एवं युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।