ऑटिज्म पर जागरूकता ही सबसे बड़ा इलाज: आगरा के निःशुल्क शिविर में मिला अभिभावकों को सही मार्गदर्शन

आगरा। बच्चों में समय रहते ऑटिज्म के लक्षण पहचानना ही उनके बेहतर भविष्य की कुंजी है। इसी उद्देश्य के साथ गार्गी रिहैब सेंटर द्वारा पश्चिमपुरी में निःशुल्क ऑटिज्म जागरूकता एवं परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लेकर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।

Apr 10, 2026 - 20:17
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ऑटिज्म पर जागरूकता ही सबसे बड़ा इलाज: आगरा के निःशुल्क शिविर में मिला अभिभावकों को सही मार्गदर्शन
पश्चिमपुरी स्थित गार्गी रिहैब सेंटर में शुक्रवार को आयोजित ऒटिज्म जागरूकता शिविर की एक झलक।

शिविर को संबोधित करते हुए सेंटर के संचालक डॉ. विशाल त्रिपाठी ने कहा कि यदि सही समय पर ऑटिज्म की पहचान कर उचित थैरेपी शुरू कर दी जाए, तो ऐसे बच्चे भी सामान्य जीवन जी सकते हैं। इसमें अभिभावकों की जागरूकता और सहयोग सबसे अहम भूमिका निभाता है।

विशेषज्ञों की टीम ने किया बच्चों का आकलन

शिविर में आगरा के प्रख्यात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल बंसल, डॉ. अभिषेक गुप्ता, डॉ. मनीष सिंह, डॉ. ऋषि बंसल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. ममता यादव, स्पीच थेरेपिस्ट डॉ. विवेक त्रिपाठी, रेकी थेरेपिस्ट एवं काउंसलर पूजा त्रिपाठी, सीनियर थेरेपिस्ट आरती शर्मा, थेरेपिस्ट पूजा ठाकुर तथा स्पेशल एजुकेटर की टीम ने बच्चों का आकलन कर अभिभावकों को आवश्यक परामर्श दिया।

समय पर पहचान से संभव है सुधार

विशेषज्ञों ने बताया कि ऑटिज्म और विकास संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान और शीघ्र इलाज से बच्चों में उल्लेखनीय सुधार संभव है। अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार, संचार, ध्यान और सामाजिक कौशल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

शिविर में पहुंचे अभिभावकों ने इस पहल को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों के भविष्य को बेहतर दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

SP_Singh AURGURU Editor