आगरा में अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर जागरूकता रैली निकाली गई
आगरा। अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर आगरा एसोसिएशन ऑफ डेफ द्वारा शनिवार को भव्य जागरूकता रैली और विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रैली सूर सदन से प्रारंभ होकर विकास भवन और एम.जी. रोड होते हुए यूथ हॉस्टल तक पहुंची, जहां मुख्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य श्रवण-बाधित व्यक्तियों के प्रति जागरूकता फैलाना, उनके अधिकारों और समान अवसरों पर जोर देना और समाज में सांकेतिक भाषा के महत्व को उजागर करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान ने रिबन काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि श्रवण-बाधित व्यक्ति भले ही बोल नहीं सकते, लेकिन वे शिक्षा, खेल और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। उन्होंने आगरा के नागरिकों से इस जागरूकता मुहिम में भाग लेने और इसे आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
जिला युवा अधिकारी डॉ. श्रवण कुमार सेहगल ने कहा कि संस्थाओं के माध्यम से श्रवण-बाधित लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य अत्यंत सराहनीय है। भारत सरकार की विभिन्न योजनाएँ इन्हें खेल, संस्कृति और सरकारी सेवाओं में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग किसी क्षेत्र में कमज़ोर हो सकते हैं, लेकिन अपनी मेहनत और लगन से कठिन कार्यों को सफलतापूर्वक संपन्न कर रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता नितिन कोहली ने आश्वासन दिया कि वे सदैव संस्थाओं के साथ खड़े रहेंगे और आवश्यकता पड़ने पर हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे।
मुख्य कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं और समाज के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में सांकेतिक भाषा के महत्व को समझाना और श्रवण-बाधित व्यक्तियों के अधिकारों के प्रति सकारात्मक संदेश देना था।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मुकेश काकरिया, राधा काकरिया, विकास जैन, पूजा जैन, टीना गुप्ता, गौरव अग्रवाल, अंशु गुप्ता सहित अन्य सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। अनुवादक ललिता गुप्ता, अभय छाबड़ा और आशना ने सांकेतिक भाषा में अनुवाद प्रदान किया।
आगरा एसोसिएशन ऑफ डेफ ने होटल ताज व्यू, रोहित पावर और नगर निगम की महापौर हेमलता दिवाकर को धन्यवाद दिया, जिन्होंने कार्यक्रम को समर्थन और मार्गदर्शन प्रदान किया।