बार काउंसिल चुनाव 2026: विनोद कुमार पांडे ने अधिवक्ताओं के हितों का एजेंडा रख आगरा में मांगे वोट
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल चुनाव 2026 को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में सदस्य पद के प्रत्याशी विनोद कुमार पांडे ने आगरा में अधिवक्ताओं से सीधा संवाद करते हुए उनके हितों से जुड़े ठोस वायदों के साथ समर्थन मांगा। इसके साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अधिवक्ता कल्याण, सुरक्षा और सामाजिक सम्मान को चुनावी मुद्दों के केंद्र में रखा गया।
आगरा। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चुनाव अधिवक्ताओं के भविष्य और उनके अधिकारों से सीधे जुड़े होते हैं। वर्तमान में चल रही चुनावी प्रक्रिया के बीच सदस्य पद के प्रत्याशी विनोद कुमार पांडे ने आगरा के संजय पैलेस स्थित यूथ हॉस्टल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस अधिवक्ताओं के हितों का एजेंडा रखा। आगरा के विभिन्न न्यायालयों से जुड़े अधिवक्ताओं ने उनका माला पहनाकर स्वागत किया और जीत की शुभकामनाएं दीं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विनोद कुमार पांडे ने अधिवक्ताओं की जमीनी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि चुने जाने पर अधिवक्ता कल्याण योजना का लाभ हर पात्र अधिवक्ता तक पहुंचाया जाएगा। किसी अधिवक्ता की आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में उनके परिवार को न्यूनतम दस लाख रुपये की सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने सभी पंजीकृत अधिवक्ताओं के लिए निःशुल्क अथवा रियायती दरों पर स्वास्थ्य और जीवन बीमा सुविधा उपलब्ध कराने का वायदा किया। बुजुर्ग और प्रैक्टिस छोड़ चुके अधिवक्ताओं के लिए मासिक पेंशन की व्यवस्था तथा नए अधिवक्ताओं के लिए स्टाइपेंड और जूनियर अधिवक्ताओं को शुरुआती तीन से पांच वर्षों तक मासिक वित्तीय सहायता दिलाने की प्रतिबद्धता भी जताई।
महिला अधिवक्ताओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा और फर्जी मुकदमों पर अंकुश लगाने के लिए ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ लागू करवाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
विनोद कुमार पांडे ने बताया कि इस चुनाव में केवल सीओपी वाले अधिवक्ता ही मतदान कर सकेंगे और उन्होंने सदस्य क्रमांक 317 पर वोट देकर विजयी बनाने की अपील की। आगरा के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भरोसा जताया कि पांडे वर्तमान में भी बार काउंसिल के सदस्य के रूप में सक्रिय हैं और उनके अनुभव से अधिवक्ताओं को लाभ मिलेगा।
इसके बाद उन्होंने दीवानी, तहसील और कमिश्नरी न्यायालयों के अधिवक्ताओं से संपर्क कर समर्थन मांगा। इस दौरान अधर शर्मा, पवन कुमार शर्मा, कृपाल सिंह, नरेश पाराशर, अमित उपाध्याय, उमेश शर्मा, बच्चन सिंह बघेल, अदम्य शर्मा, राजेश आर्या, सूरज सिंह सहित कई अधिवक्ता उनके साथ मौजूद रहे।
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