बरेली में छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ः फीस लेकर भी बोर्ड परीक्षा का रजिस्ट्रेशन न कराने पर दर्जनों छात्राएं परीक्षा से वंचित, प्रधानाचार्य गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक गंभीर लापरवाही और कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बरेली जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र के कन्या इंटर कॉलेज में रजिस्ट्रेशन फीस जमा न कराने के कारण हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की कई छात्राएं बोर्ड परीक्षा से वंचित रह गईं। मामले में पुलिस ने कॉलेज के प्रधानाचार्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

Feb 19, 2026 - 19:55
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बरेली में छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ः फीस लेकर भी बोर्ड परीक्षा का रजिस्ट्रेशन न कराने पर दर्जनों छात्राएं परीक्षा से वंचित, प्रधानाचार्य गिरफ्तार
बरेली में छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाला प्रधानाचार्य पुलिस गिरफ्त में।

-रमेश कुमार सिंह-

बरेली। जिले के थाना भुता क्षेत्र अंतर्गत स्थित सहोद्रा देवी मेमोरियल कन्या इंटर कॉलेज, गंगापुर के प्रधानाचार्य कमलेश कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेज दिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं की छात्राओं से यूपी बोर्ड रजिस्ट्रेशन फीस वसूलने के बावजूद बोर्ड में फीस जमा नहीं की, जिससे छात्राओं के प्रवेश पत्र जनरेट नहीं हो सके और वे परीक्षा में शामिल नहीं हो पाईं।

पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) अंशिका वर्मा ने बताया कि कॉलेज की छात्राओं द्वारा बुधवार को थाना भुता में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रधानाचार्य कमलेश कुमार ने छात्राओं की बोर्ड फीस जमा न कराकर धोखाधड़ी की, प्रवेश पत्र देने से मना किया, गाली-गलौच की, धक्का देकर विद्यालय से बाहर निकाल दिया तथा शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

इस मामले में थाना भुता पर धारा 318(4), 115(2), 352, 351(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद गुरुवार को पुलिस ने प्रधानाचार्य को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार यूपी बोर्ड की परीक्षा शुरू होने से एक दिन पूर्व मंगलवार को कक्षा 10वीं और 12वीं की छात्राएं प्रवेश पत्र लेने कॉलेज पहुंचीं, लेकिन प्रधानाचार्य की ओर से पूरे दिन टालमटोल की जाती रही। बाद में परीक्षा शुरू होने से पहले प्रवेश पत्र देने का आश्वासन देकर छात्राओं को घर भेज दिया गया।

बुधवार को छात्राएं अपने अभिभावकों के साथ परीक्षा देने कॉलेज पहुंचीं, लेकिन आरोप है कि उन्हें विद्यालय के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। काफी हंगामे के बाद जब अभिभावक अंदर पहुंचे तो प्रधानाचार्य द्वारा धक्का देकर बाहर निकाल दिया गया। जब प्रवेश पत्र न मिलने का कारण पूछा गया, तब पता चला कि छात्राओं का यूपी बोर्ड में रजिस्ट्रेशन ही नहीं कराया गया था, जिसके कारण प्रवेश पत्र जारी नहीं हुए और इसी बीच परीक्षा शुरू हो गई।

परीक्षा से वंचित छात्राएं अपने अभिभावकों के साथ थाना भुता पहुंचीं और इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार को तहरीर सौंपी। अभिभावकों ने बताया कि हाईस्कूल की छात्राओं से 4500 रुपये और इंटरमीडिएट की छात्राओं से 7200 रुपये फीस वसूली गई थी, लेकिन इसके बावजूद रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया।

इस लापरवाही के चलते कक्षा 12 की छात्राएं नेहा, प्रियंका, नैंसी तथा कक्षा 10 की चांदनी, कुसुम, मोहिनी, खुशी सहित अन्य छात्राएं बोर्ड परीक्षा से वंचित रह गईं।

वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) डॉ. अजीत कुमार ने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। यदि किसी भी छात्र या छात्रा के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है, तो मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

SP_Singh AURGURU Editor