ताज से आगे आगरा की पूरी कहानी: पांच पीढ़ियों की विरासत और 55 साल की पत्रकारिता समेटे डॉ. एन. आर. स्मिथ की पुस्तक का विमोचन- ‘Agra, the Saga of a Famous City’ में शहर के इतिहास के साथ समाज, संस्कृति, व्यापार, उद्योग और बदलती जीवनशैली का दस्तावेज

आगरा। आगरा को केवल ताजमहल और ऐतिहासिक स्मारकों के जरिए समझना शहर की आधी कहानी जानना है। शहर के सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और पत्रकारिता जीवन को पांच पीढ़ियों के अनुभव और करीब 55 वर्षों की पत्रकारिता के जरिए दर्ज करने वाली स्वर्गीय वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार डॉ. नेविल रेजिनाल्ड स्मिथ की पुस्तक ‘Agra, the Saga of a Famous City’ का रविवार को विमोचन किया गया। हरिपर्वत स्थित होटल हॉलिडे इन में आयोजित समारोह में शहर के प्रमुख नागरिकों, बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों और पत्रकारों ने पुस्तक को आगरा के जीवंत इतिहास और बदलते स्वरूप का महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया।

Sep 9, 2026 - 11:48
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ताज से आगे आगरा की पूरी कहानी: पांच पीढ़ियों की विरासत और 55 साल की पत्रकारिता समेटे डॉ. एन. आर. स्मिथ की पुस्तक का विमोचन- ‘Agra, the Saga of a Famous City’ में शहर के इतिहास के साथ समाज, संस्कृति, व्यापार, उद्योग और बदलती जीवनशैली का दस्तावेज
होटल होलीडे इन में वरिष्ठ पत्रकार स्व. डॊ. नेविल स्मिथ की पुस्तक का विमोचन करते गणमान्य लोग।

समारोह का आयोजन डॉ. स्मिथ की पुत्री डॉ. अभिलाषा स्मिथ ने किया। वक्ताओं ने आगरा की पत्रकारिता और बौद्धिक जीवन में डॉ. स्मिथ के पांच दशक से अधिक लंबे योगदान को याद करते हुए कहा कि पुस्तक की विशेषता केवल इसमें संकलित तथ्यों में नहीं, बल्कि लेखक के आगरा के साथ रहे गहरे और आत्मीय रिश्ते में भी है।

पांच पीढ़ियों का आगरा से रिश्ता

स्मिथ परिवार की पांच पीढ़ियां आगरा में रह चुकी हैं। इस लंबे जुड़ाव ने परिवार को शहर के इतिहास, सामाजिक बदलाव और बदलते मिजाज को बेहद करीब से देखने और समझने का अवसर दिया। डॉ. स्मिथ स्वयं पत्रकार और शिक्षक रहे, इसलिए पुस्तक में व्यक्तिगत अनुभव, ऐतिहासिक संदर्भ और तथ्यात्मक दृष्टि का अनूठा मेल दिखाई देता है।

वक्ताओं के अनुसार, पुस्तक आगरा को केवल स्मारकों के शहर के रूप में प्रस्तुत नहीं करती, बल्कि यहां के समाज, संस्कृति, व्यापार, उद्योग, राजनीति और रोजमर्रा की जिंदगी में आए बदलावों को भी सामने लाती है। यही वजह है कि यह पुस्तक शहर के अतीत और वर्तमान को समझने वाले पाठकों के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ बनती है।

पांच दशक से अधिक पत्रकारिता

डॉ. एन. आर. स्मिथ का पूरा नाम नेविल रेजिनाल्ड स्मिथ था। उनका जन्म 6 सितंबर 1939 को आगरा में हुआ था। उनके पिता थॉमस स्मिथ (1910–1995) आगरा क्षेत्र के जाने-माने पत्रकार थे। पत्रकार बिरादरी में उन्हें स्नेहपूर्वक ‘Papa of the Scribes’ कहा जाता था।

डॉ. स्मिथ प्रसिद्ध लेखक और दिल्ली के इतिहासकार आर. वी. स्मिथ के छोटे भाई थे। आर. वी. स्मिथ The Statesman के पूर्व न्यूज एडिटर भी रहे।

डॉ. स्मिथ ने आगरा के सेंट पीटर्स कॉलेज और सेंट जॉन्स कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने अंग्रेजी में एमए और पीएचडी की। इसके बाद 37 वर्षों तक अंग्रेजी के प्रोफेसर के रूप में अध्यापन किया और वर्ष 2000 में विभागाध्यक्ष के पद से सेवानिवृत्त हुए।

1962 से शुरू हुई पत्रकारिता यात्रा

डॉ. स्मिथ की पत्रकारिता यात्रा वर्ष 1962 में शुरू हुई, जब वे The Statesman के आगरा संवाददाता बने। उन्होंने वर्ष 2004 तक इस जिम्मेदारी को निभाया। इसके साथ ही वे लंबे समय तक प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) से भी जुड़े रहे।

वर्ष 1959 से 1995 तक उन्होंने अपने पिता की ओर से पीटीआई के लिए काम किया। इसके बाद वर्ष 2014 तक अपने नाम से समाचार संकलन और रिपोर्टिंग की। इस तरह करीब 55 वर्षों के पत्रकारिता जीवन में उन्होंने आगरा की लगभग हर महत्वपूर्ण गतिविधि को अपनी रिपोर्टिंग में दर्ज किया।

उनकी रिपोर्टिंग का दायरा अपराध और अदालतों से लेकर राजनीति, खेल, संस्कृति, व्यापार, उद्योग, सम्मेलनों और वीआईपी दौरों तक फैला रहा। उन्होंने राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विषयों पर सैकड़ों लेख भी लिखे।

आगरा के बदलते दौर के साक्षी

डॉ. स्मिथ की पहले प्रकाशित पुस्तक ‘Pages From The Diary Of A Journalist’ में राष्ट्रीय नेताओं के साथ उनकी मुलाकातों तथा 1960 के दशक से 21वीं सदी तक की महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़े संस्मरण शामिल हैं। उनकी पत्रकारिता ने आगरा के बदलते सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को करीब से दर्ज किया।

वक्ताओं ने कहा कि ‘Agra, the Saga of a Famous City’ में इसी अनुभव की व्यापक छाप दिखाई देती है। पुस्तक में लेखक ने उस आगरा को दर्ज किया है जिसे उन्होंने दशकों तक देखा, समझा और अपनी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाया।

जन्मदिन पर भावुक हुआ समारोह

पुस्तक विमोचन का संयोग इसलिए भी खास रहा कि यह समारोह उसी दिन आयोजित हुआ, जिस दिन डॉ. स्मिथ का जन्मदिन था। इस संयोग ने कार्यक्रम को भावनात्मक बना दिया। उपस्थित लोगों ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि डॉ. स्मिथ के लिए आगरा महज रिपोर्टिंग का शहर नहीं था, बल्कि उनकी जिंदगी, स्मृतियों और लेखन का अभिन्न हिस्सा था।

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि यह पुस्तक पांच पीढ़ियों के आगरा से जुड़े अनुभवों और डॉ. स्मिथ की लंबी पत्रकारिता का ऐसा दस्तावेज है, जिसमें शहर की जीवंत स्मृति सुरक्षित हो गई है। आगरा के इतिहास के साथ उसके सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक बदलावों को समझने के लिए यह पुस्तक लंबे समय तक महत्वपूर्ण संदर्भ बनी रह सकती है।

SP_Singh AURGURU Editor